उसकी हाँ में भी अक्सर,
छोटी सी, ना छिपी होगी,
उसकी ना में भी देखो,
आंखे संकोच में होंगी,
ना आने से, वो रोकेगी,
ना जाने को, कहेगी,
पलटकर जब चलोगे तो,
वो पीछे मुड़ कर देखेगी,
मोहब्बत है नहीं मुझको,
नहीं इक बार कहेगी,
मोहब्बत है, मुझे तुमसे,
बड़े इत्मीनान से सुनेगी,
लगता है, जिंदगी अब यू ही,
मुखालते में निकलेगी।।
देव
17/08/2020, 11:26 am