ख्यालों में

अक्सर, ख्यालों में कुछ और भी,
सोच लेता हूं मैं, उसके सिवा,
जैसे उसकी पायजेब, उसका टीका,
उसके हाथो की, वो खनकती चूड़ियां,
उसके माथे की बिंदी, उसका गजरा,
उसके गले में लपटा, उसका दुपट्टा।।

देव

04/10/2020, 1:20 pm

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