तेरा पता मिल गया!

अल्फाजों को मेरे, तेरा पता मिल गया,
कुछ खो से गए थे, फिर से लिखता मैं गया।

थम गई थी जिन्दगी, ना जाने किस मोड़ पर,,
मिला जो तुझसे, मुझे चलना सिखा दिया।

मुस्कुराता तो अक्सर था, महफिलों में मैं,
तेरी मुस्कुराहट ने, खुश होना सीखा दिया।

देव

27/10/2020, 2:28 am

Leave a Reply