क्या खोया, क्या पाया मैंने!

क्या खोया, क्या पाया मैंने,
नहीं है उसका कोई जोड़,
तू जो है पास मेरे,
हर वो पल है अनमोल।।

हर वो पल है अनमोल,
है हंसी जब चेहरे पर तेरे,
लाख मुसीबतें मिली मगर,
भूला मैं, सब गम मेरे।

तू ही था लिए हाथ, हाथ में,
नहीं जब कोई, संग था मेरे,
फिक्र तो थी, पर बेफिक्र था सोया,
गोदी में सिर, रखकर तेरे।

साल पंद्रहवां, तुझे लग गया,
आज तू और है, बड़ा हो गया,
कपड़ों का फ्रक, फुर्र हो गया,
बेटा ही नहीं, अब यार हो गया।

देव

05/12/2020, 9:37 am

Leave a Reply