जाने कितना चला,जाने कितना रुका

रुक रुक कर चला,चल चल कर रुका,जाने कितना चला,जाने कितना रुका।। कभी सांसे चढ़ी,कभी सांसे थमी,डगमग डगमग,कभी चाल हुई।कभी सूरज था,कभी रात हुई,कितनी शाम सुबह,कब निकल गई। मैं चलता गया,बस चलता गया।। कुछ साथ मिले,कुछ। छूट गए,कुछ अनजाने थे,पर। चलते। रहे,कभी नज़रे उठी,कभी नज़रे झुकी,कभी नज़रे मिला,नज़रों बेगानी हुई। मैं चलता गया,बस चलता गया,जाने कितना … Continue reading जाने कितना चला,जाने कितना रुका

मग्शूल हूं, मैं उसमें,वो तल्लीन सी, है मुझमें

इश्क़ है पर, मंजिल कहां,बस रास्ते है, और रास्ते,थामे दामन, यार का,चलते चले, हम राह पे। रुकते कभी, मुड़ते कभी,क्या होगा कल, ना सोचा कभी,देखे जमाना, अक्सर यहांबेखौफ से, है हम यहां। शाम क्या, और क्या सुबह,रात गुजरती है बे वजह,मग्शूल हूं, मैं उसमें,वो तल्लीन सी, है मुझमें। देव 06 August 2020

जरा बता दे, तेरे लबों पर, ये निशानी क्यूं है।

तेरी हंसी में, कुछ अलग बात है आजजरा बता दे हमे, क्या है इसका राज, मुस्कुरा कर, खुद ही से, शर्मा क्यूं जाती है,कौन है वो, जिसके पहलू में, तू छुप जाती है, बेसबर रहती है, क्यूं आजकल, बता दे जरा,ये इंतेज़ार है, क्या उसका, जिससे था इश्क़ करा, यूं ही अनजान सी शाम में, … Continue reading जरा बता दे, तेरे लबों पर, ये निशानी क्यूं है।

तेरा दीदार कर, दिलो को सुकून मिलता है।

तेरे हुस्न का आलम, फिजाओं पर दिखता है,कहा हवाओं में वरना, सुरूर होता है, तेरे केषुओ की खुशबू से, गुलाब गुल होता है,तेरे कहकहों की बारिश से, फूलों से चमन खिलता है। तू है, तभी तो हम है, हम है वही, जहां तुम हो,तेरा दीदार कर, दिलो को सुकून मिलता है।। देव 04 August 2020

तेरी हंसी के सदके, ये जहां कर दू,

तेरी हंसी के सदके, ये जहां कर दू,मैं तेरे नाम, कुरबा अपना नाम कर दूं। तेरे हुस्न का आलम, फिजाओं पर दिखता है,कहा हवाओं में वरना, सुरूर होता है, तेरे केषुओ की खुशबू से, गुलाब में गुल होता है,तेरे कहकहों की बारिश से, फूलों से चमन खिलता है। तू है, तभी तो हम है, हम … Continue reading तेरी हंसी के सदके, ये जहां कर दू,

रक्षाबंधन

बस, एक धागा, कुछ चावल के दाने,और माथे पर सिंदूर का तिलक,और साल भार का, निस्वार्थ प्यार,यहीं तो है, रक्षबंधन का त्योहार। बहन भाई या गुरु शिष्य का संबंध,व्यापारी है तो ग्राहक से अनुबंध,कभी दोस्तो के हाथ पर दोस्ती की डोर,कभी भक्त और भगवान का बंधन। हर कोई अपने, तरीके से मनाता है,कैसा है ये … Continue reading रक्षाबंधन

क्यूं ना बहन के राखी बांधी जाए

यूं तो कहते है, रीत को कुरीत ना करो,जो है, उसे वैसे ही करते रहो,मगर, यू ही क्यूं हम बदलाव की बात करते है,क्यूं नहीं हम कुछ नया शुरू करते है,क्यूं बस बहनों को ही, सुरक्षा कीजरूरत होती है भाई से,क्यूं नहीं, भाई कमजोर हो सकते है,क्यूं लाचार बस औरत को समझते है,क्यूं नहीं उसकी, … Continue reading क्यूं ना बहन के राखी बांधी जाए

काश! वक़्त कुछ और पल, वही रुक जाता

तेरे लब्जो से निकलती, वो लगातार बातें,और मेरी नज़रों का, तुझे यूं एकटक देखना। कभी सोचा ना था, सपनों में भी, जो सपना,मेरे करीब, उसका, इतने करीब बैठना। उसके हाथो का, होले से, मुझ तक सरकना,मेरी अंगुलियों का, उसके हाथों को छूना। बोलते बोलते, उसका, कुछ रुक सा जाना,पलकें उठा कर, देखना, होले से फिर … Continue reading काश! वक़्त कुछ और पल, वही रुक जाता

अब जाना, अब वो इतनी तन्हा क्यूं है

बुझने से पहले शमां के हालात पर तरस आया,क्यूं बिलख बिलख कर, उसको रोना आया, जिसे अपनी गर्माहट, पर गुमान था कभी,जिसने परवानों को, पल में जला दिया कभी, अब जाना, अब वो इतनी तन्हा क्यूं है,उसके हाथो में, इश्क की लकीर, नदारद क्यूं है।। देव 02 August 2020

सफ़र ही तो है, ये जिंदगी

सफ़र ही तो है, ये जिंदगी,बस चल रही है, राहें ना जाने,कितनी, हर मोड़ पर मिल रही है, मिल रहे है मुसाफिर, कुछ अनजान,कुछ पहचान, करते जा रहे है,कुछ आगे बढ़ते जा रहे है,कुछ छूटते जा रहे है, हाथ बहुत है, मगरथामे किस तरह,जो हमको चाह रहे है,उनसे दूर जा रहे है,जिन्हे हम चाह रहे … Continue reading सफ़र ही तो है, ये जिंदगी

अल्लाह ईश्वर ईसा, सब एक है।

किसने देखा है, की खुदा खुदा है,और भगवान, भगवान, और अगर,देखा है, तो हमे भी दिखाओ,इन दोनों में फर्क बतलाओ,या बस, ये फर्क जगह और ज़ुबान,की देन है, किसी ने अल्लाह कहा,किसी ने ईश्वर नाम दिया,मगर, ये सब जानते है, कि सब का,कर्ता धरता तो एक ही है, तो फिरअलग कैसे, या बस ये एक … Continue reading अल्लाह ईश्वर ईसा, सब एक है।

हैसियत

अरे, हैसियत ही दिखानी थी,तो अपनी मोहब्बत जताते,बदले में, हद से ज्यादामोहब्बत पाते,जिंदगी गुजार जाती,खर्च करते करते,सिक्के पर रुपए का ब्याज पाते,मगर, तुमने चंद सिक्को में,औकात गिना डाली,अपनी किस्मत से,मोहब्बत मिटा डाली।। देव 30 july 2020

मैं जीत कहां से पाऊंगा

मैं मुझसे जुदा हो गया तो,मैं कहा रह पाऊंगा,मैं, मैं कहा रह पाऊंगा,क्षण में भ्ंगुर हो जाऊंगा। तुम लाख कोशिशें कर लेना,नहीं फिर मिल मैं पाऊंगा,इक बार जो टूटी डोर, तो फिरबंध कर मैं नहीं, रह पाऊंगा। स्वछंद नदी सी धारा जैसी,गति जो मैंने पाई है,बांध बना दोगे गर इस पर,फिर से कहां बह पाऊंगा। … Continue reading मैं जीत कहां से पाऊंगा

राह ना भटको

राह ना भटको, फिर से देखो,क्या ये जरूरी है,क्यूं छोड़ चले, पल में सबको,कैसी ये मजबूरी है। धरम हमारा, फक्र हमारा,फिर, क्यूं यूं तुम, मुंह मोड़ चले,प्यार यहां क्या, कम पड़ गया,जो पल में, सब यूं छोड़ चले। जन्म दिया, जिस मां ने तुमको,जिस पिता ने, सुख था वार दिया,एक अनजान के खातिर क्यूं तुम,उन्हें … Continue reading राह ना भटको

ये चिराग उसका, ये रोशनी उसकी

महफ़िल उसकी, मेहमान उसके,वाह वाह करते, ये कद्रदान उसके। माहौल उसका, मयखाने उसके,होठों से छूते, वो जाम उसके। जिसने भी कहीं, वो शायरी उसकी,जो बज गई, वो मौशिकी उसकी। मैं तो बस, चिराग से निकलती लौं हूं,ये चिराग उसका, ये रोशनी उसकी।। देव

चलो, जाने भी दो, बहुत हो गया

चलो, जाने भी दो,बहुत हो गया,रूठों को मनाना,झगड़ों को सुलझाना,दूसरी के हिसाब से,खुद का बदल जाना,नहीं पसंद है, मगरचाय से बिस्किट खाना, चलो जाने भी दो,बहुत हो गया,जो जा रहे है, उनसेरुकने की जिद करना,ना चाहते हुए भी,किसी की बातों पर हसना,बहुत प्यार से, उनसेखाने की मनवार करना। चलो, जाने भी दो,बहुत हो गया,जो नहीं … Continue reading चलो, जाने भी दो, बहुत हो गया

शायद, कहीं खो गया था, जो मेरा था, तुझमें

निकला तो था, सफ़र में, मंजिल तलाशने,तुमसे क्या मिला, तुम्हे मंजिल बना लिया। और तुम, जरा जल्दी में थी, मगर ठहरी सी,पास, मगर दूर बहुत, हाथ भर मगर दूरी बहुत।। काफी वक़्त से खड़ा था, उस मोड़ पर,जहां से गुजरने की, उम्मीद थी कभी तेरी। अब चल पड़ा, रास्तों पर अपने, खुद की तलाश में,शायद, … Continue reading शायद, कहीं खो गया था, जो मेरा था, तुझमें

लगती हो तुम, यही कहीं आसपास

तेरे जिस्म की, सोंधी खुशबू,तेरी सांसों की, नमी का अहसास,कुछ पल की ही, सही वो मुलाक़ात,मेरी यादों में, तेरा रहना, चुपचाप,अक्सर, दिल के दरवाजे को,खटखटाते हुए, तेरा आवाज देना,कहां हो दूर तुम मुझसे,लगती हो तुम, यही कहीं आसपास।। देव

Random Thoughts

[13/07, 12:42 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: ख्वाब,ख्वाब में ही सही,तू है तो सही,यहीं कही।। देव[13/07, 5:37 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: तेरे चेहरे पर जो हया दिखती हैहाल ए दिल तेरा बयां करती हैमिटा दे जो पेशानी पर है फिक्र की लकीरेंखुदा को इस साल तेरी ख्वाहिशें पूरी करनी है देव[14/07, 1:48 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: उम्मीद ना करना, … Continue reading Random Thoughts