बस, यही तो दीवाली है

बस, यही तो दीवाली है,
दीपक तो बस,
यूं ही जल रहा है,
ये नूर, ये आलम,
तेरी मुस्कान की,
कहानी है,
खुदाया, इस दिए के,
उजाले से, कहीं ज्यादा,
रोशन तेरी जिंदगानी है,

लबों से तेरी,
निकलती, शाम ए ग़ज़ल,
नज़रों से बरसता है,
बहार ए चमन,
जुल्फे बन आंचल तेरा,
करती पर्दा,
कुंडल बता रहे है सबको,
तेरी उलझन,

दीवाने, कैसे ना हो,
जो देख ले,
तुझको एक नजर,
काश, लग जाए,
काला तिल,
ना लगे तुझे,
मेरी नजर।।

देव

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