थोड़ी सी, खुद से, मोहब्बत निभा लो

कभी कुछ वक़्त, गुजारो संग अपने,फिर पछताओगे, गर ना हो पाओगे अपने, खुद ही, खुद से मोहब्बत तो कर लो,थोड़ा इश्क़, थोड़ी नफरत भी कर लो, जो कर से घायल, दिल को अपने,ऐसी आदत से, तौबा जरा कर लो, तस्सली मिले, जिस फिकर से तुमको,फिकर से ऐसी, झोली, तुम भर लो, कहां ढूंढ़ते हो, ख़ुशी … Continue reading थोड़ी सी, खुद से, मोहब्बत निभा लो

हर बात पर जिद करते है,

क्यूं,क्यूं यू ही हर बात पर जिद करते है,जमाना बदल गया है, तुम अब भी वही खड़े हो, देखो, नियम कायदे कानून, अब नए हो गए,जो कभी थे जुर्म, वही न्यायसंगत हो गए, अब तो मोहब्बत भी, इंसाफ के तराजू में तुलती है,इश्क़ करने वालो की, अब कहां बोलियां लगती हैं।। देव

Random thoughts jan

खुदा तुझको माना, तभी तो फैसले कर लिए,और, इश्क़ था तुझसे तभी तो,तेरी बेरुखी पर, सिर झुका कर चल दिए।।देव बेखुदा पर, खुदाई का, ऐतबार था हमने किया,हम उन पर मरते रहे, वो दिल तोड़ कर चल दिए।। देव कभी वक़्त था, वो सावन मानते थे, और यहां बरिशें होती थी,मौसम ही तो है, वक़्त … Continue reading Random thoughts jan