तुम कहां हो, झांक कर देखती हूं,दिल की दीवारों में बनी खिड़कियों से,नजर तो तुम आते नहीं,मेरी मोहब्बत भरी आंखो से,लगता तो है, तू हो आसपास कहीं,छिपे हो क्या, इन परेशानियों की झाड़ियों में,काश, हटा सकूं मै, इस हिचकिचाहट के बादलों को,तसव्वुर तेरा करू, इक बार, तू जो मिल जाए,इश्क़ मेरा करता है, इंतेज़ार तेरा,कब … Continue reading कब होगा वक़्त, कब होगा मिलने का सपना पूरा
Month: February 2020
महफ़िल सजाए बैठे है यार
महफ़िल सजाए बैठे है यारकोई गाता ठुमरी, कोई है देता ताल,क्या करें, ना करे,कुछ समझ नहीं आता,हमे तालियां बजाने के अलावा,कुछ नहीं आता।। देव
या, जिंदगी बाहर निकलती है
ये लो, फिर आ गया,कहने को तो मोहब्बत,इजहार करने का मौसम है,दिल में छिपी जज्बात,बताने के दिन है,लेकिन इन्हे भी तो किश्तों में बांट डाला,लगता है, प्यार पर भी,ब्याज लगा, लोन दे डाला, अहा, रुक जाओ,क्या करते हो,अरे, सब सात दिन का कोटाएक दिन में पा लोगे,बात कुछ, रोज डे से शुरू होती है,ये ही … Continue reading या, जिंदगी बाहर निकलती है
जाने कहा, जिंदगी मुझे, ले जा रही थी
पुरानी किताब के फटें पन्नों को,बड़ा सम्हाल के, पड़े जा रहा था,बड़े इत्मीनान से, वो सुन रही थी,मैं अपनी कहानी कहे जा रहा था, यूं तो वो, बहुत कम बोलती थी कभी,मगर, कुछ वक़्त से अंदाज अलग था,किस्सों के उसके पास, हुजूम बहुत था,लेकिन, आज फिर शांत सुने जा रही थी, कुछ बचपन की बातें, … Continue reading जाने कहा, जिंदगी मुझे, ले जा रही थी
उसकी याद बाकी है
बेसब्र सा दिन,बेतरतीब सी रातेंऔर कुछ अधूरी मुलाकातें,कुछ अधसिले से सपने,कुछ बिनकहे किस्से,उसकी आधी हसींमेरी आधी बातेंखो गए है कहींउसके तराने, पर फिर भी,आस एक बाकी है,करीब ना सही वो,उसका अहसास बाकी है,मेरे जेहन में,उसकी याद बाकी है।। देव
वो प्रेम कहानी अधूरी है
जाने कब से थी, मंजिल की तलाश,नहीं पता था, वो है इतनी पास,मगर, पास होकर भी, है कितनी दूर,इश्क़ में मुझे भी, मीलो चलना है मंजूर, बात, बस पाने की नहीं है,सजा रखे है, ख्वाब उसने भी,कसौटी पर उसके, खरा उतरे,अपनाए मुझे, वो भी जरूरी है, यूं तो इल्ज़ाम, मुझ पर,लगा दिए है, जमाने ने … Continue reading वो प्रेम कहानी अधूरी है
ये कैसा इत्तेफ़ाक़ है
ये कैसा इत्तेफ़ाक़ है,आज ही कभी,की थी शुरू,जिंदगानी नई,आज ही, लगता है,हो रही है शुरू,कहानी नई,बस, वक़्त के साथ,अंदाज बदल गया है, ना कोई नाम, ना इशारापर, किसी ने, जोर से पुकारा,बस ढूंढ़ती सी रह गई,और रात, यूं ही निकल गई, समझ तब कुछ ना आया था,आज, कुछ ना समझ आया,आंगन में रखे, मरतबान से,जैसे, … Continue reading ये कैसा इत्तेफ़ाक़ है
कितना, अनजान है वो
भेज कर निशानियां,मोहब्बत जताता है वो,ना जाने क्यों, सामनेनहीं आता है वो, बेनाम से खत लिख,छोड़ जाता है वो,कश्मेकश सी, जेहन में,मचाता है वो, कैसे, इश्क़ कर लू,कैसे, दिल अपना दे दूं,ना जान, ना पहचान,कितना, अनजान है वो।। देव
थामने हाथ तेरा, होगा हाथ मेरा
कर चुका हूं, गलतियां,अपने ही हाथों से,अब लबों पर मेरे,बस नाम होगा तेरा अरमान है तेरे हजार,बंद दिल की तिजोरी में,हर ख्वाहिश अब तेरी,मेरा ख्वाब होगी, नहीं जानता, गरतुझको भी है, मोहब्बत मुझसे,पर तेरी ख़ुशी में छिपी,मेरी खुशी भी होगी, माना, नहीं दे सकता हूं,चुटकी भर सिंदूर तुझे,यकीन कर, पर प्यार मेरेबस हक होगा तेरा, … Continue reading थामने हाथ तेरा, होगा हाथ मेरा
मेरी मोहब्बत को, अपने इश्क़ से, मिला सकती है
तुम यही तो थी, हरदम,मेरे सामने, देखा तुम्हे,बस, नजर नहीं पड़ी,और हां, दिल की आवाज,याद है, सुनाई तो दी थी,और घंटी भी बजी थी,पहली मुलाक़ात में,लेकिन, मेरे हालात,और तुम्हारी आकांक्षाओं,में मिलाप नहीं था,वक़्त मेरे पास भी नहीं था,और शायद, तुम्हेइंतेज़ार का वक़्त नहीं था,शायद, बस इसी शायद,ने मुझे रोका रखा,देखता तो रहा,पर बड़ ना सका,तुम … Continue reading मेरी मोहब्बत को, अपने इश्क़ से, मिला सकती है
थामने हाथ तेरा, होगा हाथ मेरा
कर चुका हूं, गलतियां,अपने ही हाथों से,अब लबों पर मेरे,बस नाम होगा तेरा अरमान है तेरे हजार,बंद दिल की तिजोरी में,हर ख्वाहिश अब तेरी,मेरा ख्वाब होगी, नहीं जानता, गरतुझको भी है, मोहब्बत मुझसे,पर तेरी ख़ुशी में छिपी,मेरी खुशी भी होगी, माना, नहीं दे सकता हूं,चुटकी भर सिंदूर तुझे,यकीन कर, पर प्यार मेरेबस हक होगा तेरा, … Continue reading थामने हाथ तेरा, होगा हाथ मेरा
बस हक होगा तेरा
कर चुका हूं, गलतियां,अपने ही हाथों से,अब लबों पर मेरे,बस नाम होगा तेरा अरमान है तेरे हजार,बंद दिल की तिजोरी में,हर ख्वाहिश अब तेरी,मेरा ख्वाब होगी, नहीं जानता, गरतुझको भी है, मोहब्बत मुझसे,पर तेरी ख़ुशी में छिपी,मेरी खुशी भी होगी, माना, नहीं दे सकता हूं,चुटकी भर सिंदूर तुझे,यकीन कर, पर प्यार मेरेबस हक होगा तेरा, … Continue reading बस हक होगा तेरा
इश्क ए इजहार कर देता हूं
इंतेज़ार ख़तम हुआ,इम्तेहान हो गए बहुत,इश्क़ की राह में,खो गए है, हम अब, या यूं कहूं, उनकी अदाओं मेंउसके अंदाज में,उसकी ना ख़तम बातो में,और शांत से, अफसानों में,कभी बेसब्र से इंतेज़ार में,कभी ना मिलने की बात में,नजर आते उस इंतेज़ार में,कुछ तो बात है,जब से देखा है उसे,इस दिल को बसउसका इंतजार है, पर … Continue reading इश्क ए इजहार कर देता हूं
मेरा जिक्र था,
आलम ही कुछ अलग था,महफ़िल में आज का,हमें उनका जुनून था,अंदाज उनका भी, हसीन था, जबां पर था नाम,नज़रों में सलाम था,किस्से में उनके आज,मेरा जिक्र था, देव
बस, तेरे पहलू में,मिल जाए वक़्त जरा
बस, तेरे पहलू में,मिल जाए वक़्त जरा,आंखे जब खुले,या बंद हो पलकें जरा,देखता रहूं, बस तुझे,तू मेरे पास रहे सदा, ना तेरा कल, ना मेरा कल,बस हमारा दीवानापन,और मोहब्बत का मौसम,खिले गुल, गुलशन गुलशन,चांदनी हो रात,सितारों की बरसात, ये दूरियां मिट जाए,ये धड़कने मिल जाएं,थामे हाथ, हाथो में,कहीं दूर निकल जाए, कुछ तो कहो,कुछ तो … Continue reading बस, तेरे पहलू में,मिल जाए वक़्त जरा
बिन पाए, एक दूजे के हो ले
उलझे उलझे में कितने सुलझे है,अड़चने हजार, और प्यार ने ढूबे है,नाम नहीं रिश्ते का कोई,पर जग सारा, इनको पूजे है, राधे बोल कृष्ण से पहले,प्रेम रंग में, जग में है फैले,प्रेम की क्या परिभाषा बन बोले,बिन पाए, एक दूजे के हो ले।। देव
थोड़ी मोहब्बत बिखेरो, थोड़ा इश्क़ भर लो
माना, कुछ गम अभी भी है बाकी,चाहत के अरमान, नहीं है काफी,पर तन्हाइयों से डर, लगने लगा हैढूंढने को हमसफ़र, दिल चल पड़ा है, ख्वाहिशों की फेरहिस्त बनाई उसने,खूबियां चुन चुन कर, सोची थी उसनेखूब रखा ध्यान, पिछली गलतियों का,क्या होगा रूप, क्या फितूर होगा, बाज़ार में, इंसान के चल पड़े वो,परखते हर नजर को, … Continue reading थोड़ी मोहब्बत बिखेरो, थोड़ा इश्क़ भर लो
तेरे अहम के आगे, हुस्न,तेरा बेकार हो गया।
बस, उनकी तारीफ में,कुछ लिख क्या दिया,उन्हें अपने हुस्न पर,घमंड हो गया, जो, अक्सर, गुजरते हुए,दुआ सलाम करते थेअब तो दीदार ही उनका,दुश्वार हो गया, जाने क्यूं, बेकार बेसबबकिस्से बना डाले, इस कदर,तारीफे करने वालो का,मुंह बंद हो गया, क्यूं, और कौन लिखेगा,तेरे हुस्न की तारीफ में,तेरे अहम के आगे, हुस्न,तेरा बेकार हो गया। देव
दीदार ए यार कैसे होगा
क्या लिखूं, कैसे लिखूं,कुछ नहीं सूझता,तेरे रूप को बखारे,वो लब्ज़ नहीं मिलता, मूरत ही तेरी, काफी है,धड़कने बढ़ाने को,सामना तेरा, किस तरह,ये दिल करेगा, और चार चांद लगा दिए,इस सादा लिबास ने,एक नजर भर में,दीदार ए यार कैसे होगा।। देव
परी बन, तू मेरे जीवन में अाई है
परी बन, तू मेरे जीवन में अाई है,हर्ष और उल्लास से,आंगन की रौनक सजाई है,दिलो की तूने, हमारे धड़कने बड़ाई है, तेरी किलकारी, तेरी मुस्कान प्यारी,तेरा मचल कर रोना,पापा की सिटी पर, यूं उछालना,हाथ बढ़ाते ही, चलने का उतावलापनतेरे नन्हे क़दमों को, झट से बड़ाना,हर अदा पर तेरी, तारीफों का लग जाना,यूं ही, कहीं नजर … Continue reading परी बन, तू मेरे जीवन में अाई है