Every one has some story of childhood, same here, sharing few, one about my study, I had to study either in street or in a vacate horror house… वो जाड़े की रातें,होंठ कंपकपाते,सूना मोहल्ला,पेड़ों की बातें, चबूतरे पर,बिछा कर पलंग,रजाईयो में खुद को,घुसा, बन कर दबंग, किताबों का पड़ना,एक जज्बे का होना,नहीं कोई और,मकसद का … Continue reading वो जाड़े की रातें
Month: May 2020
उसको देखा, और खड़ा राह गया
बस, हक्का बक्का सा रह गया,उसको देखा, और खड़ा राह गया, सालो बाद उसे देखा था,यूं तो काफी साल, पड़े थे साथ,मगर, वो थी प्राइमरी की बात,पड़ोस में ही रहती थी,और स्कूल भी जाते थे साथ,मगर वो बचपन था,और अब वक़्त कुछ और था,और बात कुछ और नहीं थी,बस, एक लम्हा था,उसका रूप अब कुछ … Continue reading उसको देखा, और खड़ा राह गया
मैं बस, जिंदगी को घसींटता रहा
लोग समझते रहे,और में चलता रहा,कारवे भी पीछे छूटते रहे,और मैं चलता है,तलाश, बस एक मंजिल की थी,और वो भी, मेरी कहां थी। हुनर लिखने का मिला,शायद, उसके लिए था लिखना,कर सकूं जज्बात बयां,जो कभी कह ना सका,कह भी दिया बहुत कुछ,मुस्कुराई तो वो भी थी,अरमान, उसके कुछ और थे,और वो भी, मेरी कहा थी। … Continue reading मैं बस, जिंदगी को घसींटता रहा
ना करना इश्क़ यारो, पछताओगे
ना करना इश्क़ यारो, पछताओगे,अपने ही दिल के आगे,पस्त हो जाओगे,धड़कने, धड़कने तो फिर भी चलेगी,बस जिंदा रखने को,मगर हर धड़कन को, गैर पाओगे। अहमियत, जिसे पता नहीं इश्क़ की,बोलो, उसे कैसे समझाओगे,और समझने से इश्क़ नहीं होता,ये दिमाग नहीं, दिल का खेल है,वो क्या करेंगे इश्क़,जिनके दिल नहीं होता। अब कर है लिया है, … Continue reading ना करना इश्क़ यारो, पछताओगे
जिंदगी है, इतनी आसान नहीं है।।
कुछ तो अलग अहसास था,आज उसके नहीं पास था,या कह दूं, वही दूर थी,लेकिन वो तो कब से दूर है,पास ही कब आईं थीं,या आईं थी, तो मैंने,महसूस नहीं किया,या वो बिन बोले,आईं, और चली भी गई,या वो अब भी यही है,मेरे आस पास,और देख रही है मुझे,मगर देख रही है,तो बोल क्यूं नहीं रही,या … Continue reading जिंदगी है, इतनी आसान नहीं है।।
आज बस यूं ही आंखे भर आईं
आज बस यूं ही आंखे भर आईं,आज फिर मां की याद आई,छोटा सा था, जाना पड़ा था उन्हें,हमारी खुशी के लिए,याद बहुत आती थी,पर रो भी नहीं पाता था,कुछ लम्हे, भीगी आंखों में,गुसलखाने में बिताता था,यूं तो सब थे घर में,मगर मां, मां होती है,कभी भूल नहीं पाता था, फिर, कुछ वक़्त, बस मां और … Continue reading आज बस यूं ही आंखे भर आईं
तूने मुझको मैं बनाया
तूने मुझको मैं बनाया,मैं हूं, बस तेरा साया,उंगली पकड़ कर चलना सिखाया,मैं हूं, बस तेरा साया,मैं हूं, बस तेरा साया, सपनों की गलियों में जब भी,डर कर मैं उठ जाता,निंदो में गहरी, कितनी भी होते,तूने सीने से अपने लगाया,मैं हूं, बस तेरा साया,मैं हूं, बस तेरा साया, गलियों नटखट, बन मैं घूमा,चोट लगी तो, बना … Continue reading तूने मुझको मैं बनाया
आज चांद से मुलाकात हुई
आज चांद से मुलाकात हुई,उसने पूछा, क्या बात है,आज तुमसे कैसे मुलाक़ात है, मैंने कहा,आज मेरा चांद खोया है,लगता है, वक़्त पर सोया है,या कहीं बादलों में छिप,अठखेलियां कर रहा होगा, चांद ने कहा,जान सकता हूं, तुम्हारा हाल,क्या बीत रही होगी,जैसे अमावस की रात,मुझे चुभती है, वैसे ही,चुभन तुम्हे भी हो रही होगी, मैंने कहा,नहीं, … Continue reading आज चांद से मुलाकात हुई
बस, इक बार, उसे, मेरी मोहब्बत दे दे
मुझको थोड़ी सी, खुदा मुद्दत देदे,कुछ पल ही सही, उसकी सोहबत दे दे,फिर बुला लें मुझे, शिकवा नहीं है मुझे,बस इक बार, उसे, मेरी मोहब्बत दे दे।। नही है आरजू मुझे, तख्त ओ ताजों की,मगर, ख्वाहिश है उसे, आलीशान महलों की,जरा इक बार, मुझे तेरी सल्तनत दे दे,बस इक बार, उसे, मेरी मोहब्बत दे दे।। … Continue reading बस, इक बार, उसे, मेरी मोहब्बत दे दे
दीदार ए यार
भटकता हूं, तलाश में उसकी,हर गली , मोहल्ले में,नाम उसका मिलता है लिखा,हर दरवाजे पर,आवाज भी सुनाई देती है,अक्सर उसकी,बस, होता ही नहीं, दीदार ए यार,उसका किसी झरोखे में।। देव 9 may 2020
लौटकर, वो आयेंगे इक दिन
वक़्त, ठहरा हुआ सा है,सांसे, उखड़ी हुई सी है,मंजर, छू रहा है दिल को,बेरुखी, बिखरी हुई सी है, तूफान, बड़ता जा रहा है,नीवें, उखड़ सी रही है,नींद, ओझल है आंखो से,रातें, लंबी लग रही है, महफ़िल, अब कहा रही है,नगमे, कौन गा रहा है,दस्तक, अब नहीं कहीं है,आंखे, पथरा रही है, मगर,प्यार, अब भी बड़ … Continue reading लौटकर, वो आयेंगे इक दिन
ना ना करने का, तुझे गुरूर मिला होता
ना रास्ते मेरे,तेरे रास्तों से मिलते,ना इश्क़ हुआ होता,ना ख्वाब देखता। ना बेखुदी के आलम में,यूं जल रहा में होता,ना अफसोस का तुझे,कोई अफसोस होता। मगर ना जी रहा था मैं,ना जिंदगी थी मुझमें,ना तू मिलती मुझे,ना मैं खुशगुवार होता। ना मुस्कुराती तू,देख तस्वीर खुद की,ना ना करने का,तुझे गुरूर मिला होता।। देव 8 may … Continue reading ना ना करने का, तुझे गुरूर मिला होता
ये फासले, मिटते नहीं
ये फासले, मिटते नहीं,उनसे कदम, मिलते नहीं, कुछ दूरियां, कुछ मजबूरियां,रखती है हमको, उनसे जुदा,उनकी खबर, अब मिलती नहीं,उनसे कदम, मिलते नहीं। ख्वाबों में उनको, बसाया है हमनेदिल भी उन्हीं से, लगाया है हमने,ख्वाब मगर, दिखते नहींउनसे कदम, मिलते नहीं ये फासले, मिटते नहीं,उनसे कदम, मिलते नहीं।। देव 8 may 2020
खुदा की वही, मूरत है।।
जितनी तू बाहर,कहीं ज्यादा,अंदर से खूबसूरत है,तू है जिस दिल में,खुदा की वही,मूरत है।। Dev 8 may 2020
तुम हो, तो हम है
This piece is dedicated to all respected people from medical background, who are representing god in this tough time to save humanity.. Salute to them… तुम हो, तो हम है,तुम ही हो, तो हम है,तुम्हारे जज्बे को सलाम है,तुम पर कुर्बान ये जान है, जानते हो, मुश्किल ये घड़ी है,एक छोटे से वायरस ने,मचाई त्राहि … Continue reading तुम हो, तो हम है
वो झेल नहीं पाएंगे, पल में बिखर जाएंगे
I am sure, as i written many poetries on girls, people will accept this as well and will take this as food foe thought, and won't create controversy… लडको को लड़के है रहने दो,उनके दिलो को इमोशंस से ना भरो,वो झेल नहीं पाएंगे, बिखर जाएंगे। कहते है वक़्त बदल गया है,इक्वालिटी की दुनिया है,पर अब … Continue reading वो झेल नहीं पाएंगे, पल में बिखर जाएंगे
मेरी ख्वाहिश भी मेरी कहा थी
मेरी ख्वाहिश भी मेरी कहा थी,बस उसके चेहरे की, हसीं बरकरार रहे,बस, वो सदा मुस्कुराती रहे,ख्वाब उसके हकीकत मेरी बन गए थे,उसकी खुशी, मेरी मंजिल बन गई थी,वक़्त मेरा, मेरा कहां रहा था,उसके करीब,मिलता मुझे सारा जहां था,और वो जहां ढूंढ रही थी,अपने सपने कहीं और खोज रही थी,जज्बातों से मेरे, खिलवाड़ कर रही थी,मेरे … Continue reading मेरी ख्वाहिश भी मेरी कहा थी
वो दिखती है अक्सर, गुनगुनाते हुए
बेतरतीब से बालों को, सुलझाते हुए,वो दिखती है अक्सर, गुनगुनाते हुए, कानो में सखी के, फुसफुसाते हुए,देखती है अक्सर, नजरे चुराते हुए, हया के आंचल में, छिपा चेहरा अपना,छिप जाती है अक्सर, शरमाते हुए, तकदीर मेरी, शर्मीली कितनी है देखो,चल देती है दूर मुझसे, शरमाते हुए।। देव 6 may 2020
अपने हिस्से की खुशी, उसे दे पाते
काश! कोई होता, जिसे अपना कह पाते,उसके पहलू में रख कर सर, जरा सुस्ता पाते। कुछ रात ही सही, चैन से सो पाते,नींद ना आती, मगर, उसे सुला पाते। उसके चेहरे की शिकन को, चुरा पाते,उसकी मुस्कुराहट पर, मुस्कुरा पाते। गम, कम नहीं, मगर, उसे सुन पाते,अपने हिस्से की खुशी, उसे दे पाते।। देव 6 … Continue reading अपने हिस्से की खुशी, उसे दे पाते
साथ है यार, तुम्हारे
कहीं कुछ तो है, यू हीनहीं, तुम ख्याल रखती हो,कभी हस्ती हो, मुझ परकभी नाराज भी होती हो।। मैं तो पागल हूं, थोड़ा तो जरूरपर तुम समझदार हो,मगर खुद को पहचानने में,थोड़ी सी, लाचार हो, सुनती तो हो, अक्सरमगर सुनतीं नहीं, खुद कोख्वाबों को अपने,शायद कम समझती हो, विश्वास तो है, खुदा पर,फिर इतना क्यूं … Continue reading साथ है यार, तुम्हारे