Random thoughts

[16/06, 10:38 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: यूं तो इजाजत की उससे,कभी जरूरत नहीं थी,मगर आज, ना जाने क्यूं पूछ डाला,तेरे आगोश में, जगह है तो बता,[16/06, 11:54 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: मेरे लब्जो पर, बस तेरा,एक नज़र डालना काफी है।तारीफ खुद बा खुद,मुझ तक, पहुंच जाती है।। देव[17/06, 11:44 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: श्मशान की राख उठा कर,उससे … Continue reading Random thoughts →

फिर से उससे, इश्क़ कर रहा हूं।।

अंतर्मन से मेरा द्वंद चल रहा था,खुदा है या नहीं, जवाब ढूंढ रहा था, कहने को तो, अहम ब्रह्मस्मी कहते है,और में ही ब्रह्म हूं, तो ढूंढ क्या रहा था, शायद, मैंने उसे अपने में ही, खो दिया था,जो होना था मुझे, मैं नहीं रहा था, ना खुद पर यकीं, ना उस पर यकीं था,ख्वाहिशों … Continue reading फिर से उससे, इश्क़ कर रहा हूं।। →

यूं ही तो नहीं, तुम जिंदगी हो

कल मिली थी रास्ते में,बड़ी बदहवास सी चली जा रही थी,जैसे कुछ छूट गया हो,पसीने में तरबटर,हांफती से, बड़े जा रही थी,मैंने पूछा, क्या हुआ,इतनी परेशान सी क्यूं हो,उसके कहा, मेरी ख्वाहिशें,मेरे सपनो को लेकर ,जा रही है, क्या करूं,बड़ी असमंजस में हूं,ख्वाहिश को रखूं,या सपनों को, कुछसमझ नहीं आ रहा है,इसी उल्फत में, सब … Continue reading यूं ही तो नहीं, तुम जिंदगी हो →

हमारे ख्यालात तो मिल सकते है।

मैं नहीं, कोई बात नहीं,मेरे ख्यालात तो उड़ सकते है। जो मैं नहीं कर सकता,मेरे ख्यालात तो कर सकते है। तू नहीं करीब मेरे, तेरे करीब,मेरे ख्यालात तो रह सकते है। तू नहीं बयां करती, तो क्या,तेरे ख्यालात तो कर सकते है। ये इश्क़ है, दो रूहों का मिलन,जिस्मों की इन्हे क्या जरूरत,जिस्म मिले या … Continue reading हमारे ख्यालात तो मिल सकते है। →

क्या कुछ पल सुस्ता लू

यूं तो इजाजत की उससे,कभी जरूरत नहीं थी,मगर आज, ना जाने क्यूं,आज पूछ डाला,तेरे आगोश में, रख कर सरक्या कुछ पल बिता लू,क्या कुछ पल सुस्ता लू, नींद तो आईं है मुझको अक्सर,पर सोया कहां हूं,बहाने दर्द के वो पल,चैन से रोया कहा हूं,तू ही बता, तेरे कंधे पर,रख के सिर,क्या खुल कर रो डालूं। … Continue reading क्या कुछ पल सुस्ता लू →

किताब के बहाने, हर शाम बैठती है

वो अब फिर से, आंगन के झरोखे में,किताब के बहाने, हर शाम बैठती है, जब गुजरता हू, उसकी गली से,झुकी नजरो से, मुझे तकती है, नजर मेरी, जब, उस पर, पड़ती है,पशेमने पर उसके, सलवटें पड़ती है, शरम और हया से, लाल चेहरे को,उल्टी किताब से, पल में ढकती है।। देव 16 june 2020

Random thoughts

[13/06, 12:05 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: मेरे जेहन के दायरों में,बस, तेरा ख्याल है,चांद भी सोचता होगा,तुझमें ऐसा क्या खास है।। देव[13/06, 12:09 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: तेरे करीब, वक़्त कब गुज़र गया,पता ही नहीं चला,मै तुझे तकता रहा, तू मुझे देखती रही।।देव[13/06, 12:10 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: अपने अश्कों की छिपाना,कोई तुझसे सीखे,बड़ी आसानी से, तू हंसा … Continue reading Random thoughts →

हर चेहरे के पीछे, एक कहानी होती है,

हर चेहरे के पीछे, एक कहानी होती है,बस उसे लिखता हू, हां, मैं चेहरे पड़ता हू। कभी छूट जाते है पीछे, मुसाफिर सफ़र में,उनका साथ देता हूं, हां, मैं हाथ देता हूं। अश्क जरूरी तो नहीं, अकेले में ही आए,कभी कोई सामने रो लेता है, हां, मैं पोछ देता हूं। देव

तू है साथ, भूल जाऊ मौशिकी मेरी

तू साथ है मेरे, ना डर कोई, ना फिकर,हर महफ़िल में करता ही, बस तेरा जिकर, तेरे आगोश में, कुछ पल ही सही,बीता दूं गर, ऐ मेरे हमसफ़र,जिंदगी का मेरा, पूरा हो जाए मकसद, लोग यू ही, शुबा करते है,आशिक़ी पर मेरी,तू है साथ, भूल जाऊ मौशिकी मेरी।। देव

एक बार मुझे तेरी, आशिकी दे दे

तख्त ओ ताज की ख्वाहिश,नहीं खुदा के बाशिंदों को,देनी है मुझे गर तो, खुदाई दे दे,एक बार मुझे तेरी, आशिकी दे दे।। चला था, मैं घर से, कितने मंसूबे लेकर,तेरे दर तक, आते आते बिछड़ी सारी ख्वाहिशें,बची है बस, बस तुझसे मोहब्बत बाकी,एक बार मुझे तेरी, आशिकी दे दे।। खौफ में कौन नहीं, किसको खौफ … Continue reading एक बार मुझे तेरी, आशिकी दे दे →

गर तू नहीं तो, किसके लिए जिए

बेरंग से सपनों में, रंग भर दिए,तू जो आईं, नए रास्ते मिले, भटका हुआ था, जिंदगी की रहा में,तेरे सपनों में, नए रास्ते मिले, ख्वाहिशें, कब की हो गई थी फना,तूने, जिंदगी को नए, मंसूबे दिए, तू है तभी तो, जी रहा हूं मैं,गर तू नहीं तो, किसके लिए जिए।। देव 15 june 2020

उसकी मोहब्बत दे देना

खुदाया, हो भी गया फना,मैं कभी तो क्या,बस, एक नमाज मेरे नाम की,अदा तू कर देना। कुछ अश्क बहा लेना,तू जरा छिप कर,मेरी तस्वीर नजरो से तेरी,तू बहा देना।। यकीं है मुझको, मिलूंगातुझसे, किसी जन्म में तो,या खुदा, इक बार ही सही,उसकी मोहब्बत दे देना।। देव 15 june 2020

जहां को और हसीं बनाना

मैं कल जाऊंगा, तो अश्क ना बहाना,मेरे चेहरे को देख, एक बार फिर मुस्कुराना, यूं ही नहीं, कहना अलविदा, मुझको जरा,कुछ लगा हो, अच्छा मुझमें, उसे अपनाना, कुछ करना मेरे लिए, रोंतो को हसाना,यही है ख्वाहिश मेरी, जहां को और हसीं बनाना।। देव 15 june 2020

जाने वो यारी, कब की कहीं, खो सी गई

कभी यूं छोटे छोटे से, पड़ाव में भी तारीफें करते थे,क्या बात है, बहुत अच्छे, कुड़ोस, अक्सर सुनाई देते थे,वही तो था जो मेरे यार, अक्सर दिया करते थे,सीढ़ी डर सीढ़ी, हम आगे बड़ा करते थे, अब तो दस्तक भी, कभी होती नहीं, दरवाजों पर,आता है डाकिया भी लेकर, पुलंदा शिकायतें भर,अब नहीं मिलते है … Continue reading जाने वो यारी, कब की कहीं, खो सी गई →

उड़ें जा रहे है

उन उड़ते परिंदो को तो देखो जरा,बेखबर, हर फिक्र से, यहां की, वहां की,संग ले साथियों को अपने, उड़ें जा रहे है, माना, बनाए थे घोसले, बड़ी मशक्कत से,प्यार उन्हें भी था, यूं अपनों से,घरोंदो को छोड़ कर अपने, उडें जा रहे है, चमन ये है सजा, सावन का मौसम है,ऋतु जाड़े की लाएगी, बसर … Continue reading उड़ें जा रहे है →

मैं मुझको छोड़ कर चला गया

कोई फितरे कस कर चला गया,कोई इल्जाम है मड़ कर चला गया,कोई हाथ पकड़ कर बैठा था,वो हाथ छुड़ा कर चला गया, कोई सपने दे कर चला गया,कोई सपने तोड़ कर चला गया,कोई सपनों में आता था कभी,वो सपने छोड़ कर चला गया, कोई मंजिल दिखा कर चला गया,कोई मंजिल लुटा कर चला गया,कोई राह … Continue reading मैं मुझको छोड़ कर चला गया →

ये पूरा जमाना खाली है

एक आस, बड़ी जालिम होती है,कभी अपनी, कहां ये होती है,बस, और पर लगाए रहते है,और उन्हें अपना कहते है,कुछ रिश्ते होते है,जो हमेशा दर्द ही देते है,कुछ लम्हे होते है,जो अक्सर, मायूसी देते है,बेकार ही, बैठें रहते है,इंतेज़ार भी उनका करते है,जो महफ़िल में भी होकर अपने,नज़रे फिराए रहते है,खाली जाम मिला मुझको,मयखाना भी … Continue reading ये पूरा जमाना खाली है →

जेहन में उतरना चाहता था।

बस, तेरी एक झलक ही चाहता था,तेरे करीब, कुछ पल बिताना चाहता था,यूं ही नहीं, मैं तुझे निहारता था,तेरी तस्वीर, जेहन में, उतारना चाहता था।। तेरे चेहरे की वो हंसी, तेरी मुस्कुराहट,तेरे लबों का हिलना, लब्जो का निकलना,मैं यू ही नहीं, तुझे सुनता जाता था,तेरी आवाज़, जेहन में उतरना चाहता था। स्पर्श किया था तुझे, … Continue reading जेहन में उतरना चाहता था। →

देव, किसके लिए लिखते हो

लोग पूछते है, अक्सर,देव, किसके लिए लिखते हो,किससे मोहब्बत इतनी करते हो,किसने दर्द इतना दिया,किस्से शिकायत इतनी है,कि पल में, पन्ने भरते हो, मैं तो बस खुश हूं,अपने से मोहब्बत करता हूं,सुकून मिलता है, मुझे लिखने सेखुद के लिए लिखता हू कभी अपने, कभी अपनों के,अफसाने बयां करता हूंजो मुझे चाहते है,उनके लिए लिखता हू, … Continue reading देव, किसके लिए लिखते हो →

कुछ पल ही सही, हुई थी, तुझे, मोहब्बत मुझसे

रूह तेरी, सुन जरा, कह रही, कुछ तुझसे,कुछ पल ही सही, हुई थी, तुझे, मोहब्बत मुझसे। यूं ही नहीं, अक्सर, जेहन में तेरे, नाम मेरा आता है,यूं ही नहीं, तुझे, मुझे सताने में तुझे, मजा आता है,यूं ही नहीं, तू चुप होकर भी, बोलती है मुझसे,यूं ही नहीं, नजरे तेरी, ठहरती है मुझपे,यूं ही नहीं, … Continue reading कुछ पल ही सही, हुई थी, तुझे, मोहब्बत मुझसे →