Random thoughts

[06/06, 1:34 am] Lavya Airtel New: छोड़ा भी तो उसने, इस मोड़ पर लाकर,मै कब का कहीं, मुझको भूल गया,बस याद रहा, तो उसका चेहरा,मेरा आशियां, कहीं बिखर सा गया। देव[06/06, 1:17 pm] Lavya Airtel New: क्यूं ना करू, बेपनाह मोहब्बत तुझसे,और क्या है, बचा अब मुझमें,यूं तो है, सब कुछ पास तेरे,और क्या है, … Continue reading Random thoughts →

उम्र बढ़ती रही, हुस्न संवरता रहा,

दिन ब दिन रूप निखरता गया,उम्र बढ़ती रही, हुस्न संवरता रहा, नहीं ये झुर्रियां, बुढापे की, निशानी है,तेरे चेहरे पर इन्हे, किस्मत आजमानी है, आज भी आइना, तुझसे शर्माता है,तुझसे सच, वो भी, नहीं बोल पाता है।। देव

रूबरू, जिंदगी से हो गया

जिंदगी फिर से मिली मुझको,इस शहर की गलियों में, जो खो गया था लम्हा कहीं,थामा, उसका हाथ फिर से, कभी, भागती थी दूर,आज, करीब आ गई, जो ना कह पाई थी कभी,वो बात, जुबां पर आ गई, सुकुं जो खोया था, मेरा,कहीं, फिर से मिल गया, आज सालो बाद, मै फिर,रूबरू, जिंदगी से हो गया।। … Continue reading रूबरू, जिंदगी से हो गया →

मेरी कहा है अब,उसी के नाम जिंदगी

यूं इश्क़ के दामन को,सिसकती थी जिंदगी, मिला प्यार तू, कहने को,भटकती थी जिंदगी, हाल ए दिल कहा उनसे तो,हां की प्यासी थी जिंदगी, कुछ ना कहा, जब उसने,बेकरार थी जिंदगी, अब कह दिया कुछ उसने,बेहिसाब है जिंदगी, मेरी कहा है अब,उसी के नाम जिंदगी।। देव

हर सांस तेरी, है नाम मेरा

कहां हूं मै अब, ना पता मुझको,तेरी धड़कने, है पता मेरा, तुझको भी कहां, पता तेरा,हकीकत तेरी, है सपना मेरा दूर, कितना दूर, जा पाओगे मुझसे,मंजिल तेरी, है रास्ता मेरा, भुला लो, पल ना भुला मुझको पाओगे,हर सांस तेरी, है नाम मेरा। देव

तेरी खुशामदगी की,दुआ करता हूं।।

बरकरार रहे, चेहरे पर,ये हंसी तेरे,मन्नत खुदा से,हर नमाज में करता हूं। तेरे दामन में, होखुशियां जहां भर की,तेरी खुशामदगी की,दुआ करता हूं।। देव 11 june 2020

अक्सर क्रमशः लिख देता हूं।

अंतराल कहीं बेहतर है,पूर्ण विराम से,इसीलिए, मैं चलते हुए किस्सों को,अंतराल दे देता हूं,अक्सर क्रमशः लिख देता हूं। कुछ रिश्ते, बहुत खास होते है,उनसे जुड़े, जज्बात होते है,कभी कभी, उन रिश्तों में,खटास आती है, तो वक़्त देता हूं,अक्सर, क्रमशः लिख देता हूं। जिंदगी भाग रही है, बेसब्र सी,कुछ खास लम्हे, छोड़ती बदहवास सी,यूं लम्हों को … Continue reading अक्सर क्रमशः लिख देता हूं। →

बाकी अभी बातें और भी है

अफसाने और भी है,बहाने और भी है,ये दिल है नादान,इसमें तराने और भी है। कहा मानता है,कहां सुनता है,तारीफों का पुलंदा है,शामें और भी है, वो करीब नहीं,और करीब भी है,अभी वक़्त का तकाजा है,बाकी अभी बातें और भी है। देव 10 june 2020

यूं ही निकलते है, ले नाम तुम्हारा

बंद पलकों की दीवारों में,लिखा है नाम तुम्हारा,मेरी हर सुबह तुम्हारी,मेरा हर ख्वाब तुम्हारा।। अश्क मेरे, क्यूं मैं जाया करू,थम जाए, जरा, जतन हजार करू,उनमें बसती है, यादे तुम्हारी,यूं ही निकलते है, ले नाम तुम्हारा। देव 10 june 2020

ना इश्क़ बचा, बा दर्द रहा

ना इश्क़ बचा, बा दर्द रहा,बेपरवाह सा, वो घूम रहा। ना रुसवाई, ना तन्हाई,ना उसको कोई, शिकवा ही रहा। ना मीत मिला, ना मंजिल मिली,राहों से उसे, मोहब्बत हुई। ना फिक्र उसे, ना जिक्र कभी,ना प्यार रहा, ना नफ़रत सी हुई। मैंने पलट कर, देखा है उसे अभी,जीने की तमन्ना, उसे फिर जाग उठी।। देव … Continue reading ना इश्क़ बचा, बा दर्द रहा →

देश का सपूत

प्रियवर और प्राणप्रिए को छोड़,प्राणों की आहुति को तत्पर,खड़ा सीमा पर निडर, निश्चल,पलक झपकते ना, वो पल भर, ताप्ती धूप में, लावा सी रेत,बंजर जमी, या लहलहाते खेत,सर्द हवा और, जमी सी राते,गलते पैर, भी नहीं हिलाते, एक मां को छोड़, दुजी की चिंता,सूखी नजरो से, राहें तकते पिता,याद में जो, नन्हे से दिखते,अब तक … Continue reading देश का सपूत →

अब कहा उनको, याद मेरी आती है

अब कहा उनको, याद मेरी आती है,नज़्म मेरी, अब नहीं, लुभाती है, अक्स उनका, अभी भी दिखता है,नजरो में मेरी,उनकी नजरें, अब हमपर, कहां टिक पाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है बेपर्दा हो गए हम, ख्वाहिश थी उनकी भी,अब वो सामने, मेरे आने से, कतराती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती … Continue reading अब कहा उनको, याद मेरी आती है →

करते है ये दुआ सभी

इस मुस्कुराते से चेहरे पर,ना पड़े शिकन कभी,तेरा जीवन, सुखमय हो,करते है ये दुआ सभी, यूं तो अक्सर, जागती हैकिस्तों में, तू कभी कभी,चैन से तू, हरदम सोए,करते है ये दुआ सभी, जो गुज़र गया, उसे भूलकर,जो आयेगा, ना तू सोचकर,आज तेरा, खुशहाल ही,करते है ये दुआ सभी।। देव

पाक वो नहीं, तो तुम भी पाक कहा

उसका दामन, दागदार कहने वालो,जरा नज़रे अपनी, साफ तो कर लो। पाक वो नहीं, तो तुम भी पाक कहा,पहले दामन अपना, साफ तो कर लो। वो तो बेखबर थी, छीटें तो तुम्हारे ही थे,दिमाग ए गंदगी का, पहले खुद धोलो। देव

कब खिलेंगे फूल, महकेगा चमन मेरा

अपनी ख्वाहिशों का एक,नन्हा सा पौधा, लगाया है,सींचती हूं, रोज उसे,अपने अरमानों से। वक़्त अक्सर, गुजारती हूं,बातों में उससे,दर्द भुला अपने,खुशियों की खाद देती हूं। खुदगर्जी के अंधेडे,उजाड़ ना दे चमन मेरा,नजरो से जमाने की,बचाती हूं हर कोपल को। कब खिलेंगे फूल,महकेगा चमन मेरा,इंतेज़ार में, बहार के,गुजारती हूं, बचा वक़्त अपना।। देव

कुछ पल में, जिंदगी जी लेती है

कुछ पल में, जिंदगी जी लेती है,ख्वाहिशें अपनी, पूरी कर लेती है। दर्द को उड़ा कर, ओस की बूंदों में,बारिश की बूंदों से, खुशियां चुन लेती है। वो अक्सर, ही दिखती है आजकल,बस कुछ लम्हों में, मुस्कुराहट बिखेरती है।। देव

अब क्या करें, यू ही, बैठे है हम

छोड़ गया, मझधार में, ओ रे सनमअब क्या करें, यू ही, बैठे है हम। अश्क लिए आंखो में, सोचू तुम्हे,महसूस करती हूं, हर सांस में,सांसे छीन कर मेरी, ले गया सनम,अब क्या करें, यू ही, बैठे है हम। नाम तेरा, हर पल, जुबा पर मेरी,दिल है मेरा, मगर धड़कन तेरी,रूह तुझ संग गई, जिस्म रह … Continue reading अब क्या करें, यू ही, बैठे है हम →