थोड़ा सा तू मुस्कुरा, थोड़ा सा मैं मुस्कुराऊं,

थोड़ा सा तू मुस्कुरा, थोड़ा सा मैं मुस्कुराऊं,
तेरा हाथ थाम कर, बस चलती जाऊ।

तेरे आगोश में, गुजारूं शामे अपनी,
रख तेरे कांधे पर सिर, बस सो जाऊं।

अल्फाजों से तेरे, हो सरोबार हर पल,
तुझे पढने में, ये जिन्दगी गुजारूं।

देव

19/09/2020, 2:19 pm

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