Random thoughts June19

नज़रों मिली जब उनसे, वो मदहोश हो गई मोहब्बत आज उससे रूबरू हो गई देव बड़ी तसल्ली से, आइने से उसने, की मुलाक़ात आज दीदार ए सनम भी हुआ, इश्क़ में दिल हुआ बेताब देव खताओं ने तेरी हमे सजा ए मोहब्बत दी है इक यही तो अमानत है कैसे, लौटा दूं, यू ही तुमको … Continue reading Random thoughts June19

बस तेरे बदनाम हो जाने डरता हूं….

तेरे दीदार को अक्सर तरसता हूं इसीलिए छुप छुप कर मिलता हूं फ़िक्र नहीं मुझे जमाने से बस तेरे बदनाम हो जाने से डरता हूं तेरी आगोश में सिर रख लू अपना भुला दू गम जहां के अपने मेरे बालो को सहला दे अंगुलियों से अपने चैन से सो जाऊं कुछ पल बस यही चाहत … Continue reading बस तेरे बदनाम हो जाने डरता हूं….

मुझे बता तो सही, ये क्या है

तेरी पलकों का होले से सिमटना मुझे देख कर, दूसरी ओर घूमना और फिर धीरे से मुड़कर देखना मुझे बता तो सही, ये क्या है जब भी तेरी गली से गुजरते है कदम तेरा झरोखे से छुप छुप कर ताकना मेरी हर आहट को पहचानना मुझे बता तो सही, ये क्या है कपकपाते होठो से … Continue reading मुझे बता तो सही, ये क्या है

राष्ट्र के नाम पर एक हो जाओ…

कौन कहता है बस जान देकर ही देश बचा सकते है कुछ जान बचा लो काफी है देश के लिए नहीं मांगते है तुमसे जागीर तुम्हारी कुछ जल बचा लो काफी है देश के लिए रह लो ठंडक में तुम एसी की हर पर चाहे बिजली कुछ बचा लो काफी है देश के लिए मर … Continue reading राष्ट्र के नाम पर एक हो जाओ…

तू ना मिले, पर मोहब्बत करेंगे तुझसे उमर भर

तेरा चेहरा, मेरी नजरो में रम गया है तू है वहीं, इश्क़ मुझको तुझसे ही गया है नींद से याराना था मेरा अब छूट गया तेरे सपनों में जब से मैं खो गया दीदार ना हो, पल भर तेरा मर जाएंगे तेरे इश्क़ में दीवाने हम बन जाएंगे इक बार ही सही, नज़रे उठा हमसे … Continue reading तू ना मिले, पर मोहब्बत करेंगे तुझसे उमर भर

नाम भी मिट जाएगा

अपने अहम को बचाने किस हद तक तू गिर जाएगा जो है तेरा, चाहता हैं तुझको वहीं छोड़ तुझको जाएगा वक़्त अभी है, और ना तू तोड़ रिश्ते खीच कर टूटा जो इक बार तो फिर जुड़ ना यू पाएगा प्यार देदे, प्यार लेले थोड़ा सब्र करले, पल का तू इश्क़ जो खत्म ही गया … Continue reading नाम भी मिट जाएगा

स्याह अंधेरा ही मिलेगा, गर, आंख खोलेगी कभी…

बेदर्द है तू, और तेरा इश्क़ ये तू भी जानती है, और जहां भी मासूम का क्या है गुनाह क्यू मिल रही उनको सजा कमबख्त इश्क़ है, जब से लगा जो था रोशन, चिराग घर का बुझा अपनों के कलेजे पर रख के पैर दो कदम बड़ा, बड़ता गया जवानी है, कुछ पल की यहां … Continue reading स्याह अंधेरा ही मिलेगा, गर, आंख खोलेगी कभी…

तू साथ है मेरे यही जानते है लोग….

यू तो तेरी गली में फसाने बहुत हुए है तेरे मेरे मर्तबा अफसाने बहुत हुए है मेरे इश्क़ के किस्से अब भी सुनते सुनाते है लोग तेरे ना होने की वजह नहीं जानते है लोग बहाने हजार बना दिए कहा मानते है लोग फिर भी वहीं सवालात दोहराते है लोग माना तू चाहती है मुझको … Continue reading तू साथ है मेरे यही जानते है लोग….

रिश्ते बिखर से गए

वो तो आया, चुरा कर ले गया बस, वो ही, जो फिर आ सकता था पर छोड़ गया, अफसाने दुनिया लगी बतियाने कुछ पसंद कुछ नापसंद कोई पक्ष कोई विपक्ष और बना गया दूरियां दिलो में, जो जुड़े थे कभी इक अनजान डोर से और, वो बस देखती रही सुनती रही, कुछ ना किया कुछ … Continue reading रिश्ते बिखर से गए

स्त्री को थोड़ा और समझ गया हूं…

हा हा… हसीं आती है उनके ख्यालातों पर जो अक्सर मेरा जिक्र करते रहते है आज कल वक़्त और जरूरत भी नहीं देखते खुद का नफा नुकसान भी नहीं सोचते बस, कुछ इस कदर परेशान हो गए है की बुराई करने में, सबकी अम्मा हो गए है माना, मैं अकेला हूं, और बिंदास जीता हूं … Continue reading स्त्री को थोड़ा और समझ गया हूं…

कान्हा…

घुंघरू, बांधे नाचे राधाकृष्णा, मुगध हो देखेकहा, से आवतछन छन अवजवासखियां सारी रतिया ढूंढे रात की बेलारतियो का मेलाप्यार भरा मनचला खड़ातेरे घूंघरू खनक खनक करमन मोहे ललचावे बड़ा देव

हम हर रात ईद मानते है..

यू तो हम हर रोज, चांद देखते है हर रोज ईद मनाते है पर खास है चांद आज का जब से मिली है नूर ए नजर सितारे भी चांद नजर आते है कभी, कोई टूटता सा, ज्यों ही दिखता है मन्नते लाख मांगने लग जाते है लाख मन्नतों है, पर दुआ में बस खैरियत यार, … Continue reading हम हर रात ईद मानते है..

भीड़ बहुत है मगर, तन्हा है जिंदगी..

क्या सही क्या ग़लत सोचने में गुज़ार ना तू जिंदगी हस लो, हसा लो, सबको अपना बना लो थोड़ा बड़ा बना लो, छोटी सी है बहुत ये जिंदगी फिक्रो को रख कर ताक में थोड़ा बगल में झांक ले कई और भी है तेरे इंतज़ार में कब से खड़ी है जिंदगी जरूरी नहीं कि इश्क़ … Continue reading भीड़ बहुत है मगर, तन्हा है जिंदगी..

कब रूह एक होगी, कब होगा अफसाना बयां।।

मेरा हाल पड़ कर, उसने भी कुछ पंक्तियां लिखी। उसके आइने में, मुझे अपनी तस्वीर दिखी।। वक़्त कब कटेगा, बेसब्र बेइंतेहा है हम। दीदार ए यार को, कब से बेताब है हम।। कब, थमेगी सांस मेरी, कब तल्ख करेगा खुदा। कब रूह एक होगी, कब होगा अफसाना बयां।। देव

नशा हमको तब ही चड़ता है, जब तू हंसता है

जब वो ही नहीं मेरी, तो उसकी याद भी क्यूं मैं अब अक्सर, सपनों में भी साथ मेरा रखता हूं उसकी तस्वीर भी तकदीर से निकली अब तो शाम को अब जाम भी, नहीं पीता हूं यार, है कुछ, जो है मेरे जैसी किस्मत वाले कभी वो ग़ज़ल कहते है, कभी मैं शायरी लिखता हूं … Continue reading नशा हमको तब ही चड़ता है, जब तू हंसता है

पाकर उसे, मुझे उसे सुकून होता है

नन्हें हाथों से, मेरे गालों पर वो प्यार करता है मेरे पास है वो, पाकर मुझे उसे सुकुं होता है बचपन, जो उसे फिर से नहीं मिलना है बचपन, जिसे उसे मस्त होकर जीना है बचपन, में उसे तन्हा कभी ना रहना है बचपन, जो खिलौनों के बीच बीतना है बचपन, जिसे परवाह नहीं किसी … Continue reading पाकर उसे, मुझे उसे सुकून होता है

मेरी जिंदगी तेरी, बस तेरी गुलाम होती…m

कुछ पल मुझे भी तेरे दीदार के जो मिल जाते तेरे पहलू में, कुछ पल ही मेरे गुजर जाते तू बस कुछ पल ही मुझे नजर करती मेरी बाहों में कुछ पल ही बसर करती करती तो सही तू कुछ पल याद मुझे और लेती प्यार से इक नाम मेरा मैं अपना नाम तेरे नाम … Continue reading मेरी जिंदगी तेरी, बस तेरी गुलाम होती…m

और जाने कितनी मुलाकाते हुई

लग रहा था, हां अभी कुछ पी पहले ही तो आया था बस, कुछ बाते करी और कॉफी ही तो पी पर ना जाने, उसकी सामने वक़्त कब गुजर गया उगता सूरज, जाने कब, सांझ दे गया अरसो बाद, कुछ तसल्ली से, उससे बातें हुई कब कैसे कहा मिले थे पहली बार सिलसिलेवार ढंग से,यादे … Continue reading और जाने कितनी मुलाकाते हुई