पापा, पापा सुनो, पापा सुनो

पापा, पापा सुनो, पापा सुनो
बस, जब देखो पुकारता है
मेरा बेटा, जब भी मतलब होता है
लव यू पापा, यूं आर द बेस्ट की धुन लगाता है

वैसे बटर पनीर उसे बहुत भाता है
रोज कुछ मस्त बनाओ पापा,
दोहराता है
पर, महीने में एक बार, उसे पिज़्ज़ा भी याद आता है
गार्लिक ब्रेड चीसी डिप के साथ चैट कर जाता है

कोई बात नहीं, क्लास में अव्वल नहीं आता है
पर जो भी पड़ता है, उसे समझ बहुत आता है
पापा ओ पापा, मुझे पड़ा दो
की धुन एग्जाम के पहले गाता है
मेरे एक बार कहने पर, हर बार कॉफ़ी पिलाता है

कभी कभी मैं भी क्षुब्ध हो जाता हूं
उससे रूठ जाता हूं
वो थोड़ा डर जाता है
कुछ शांत हो जाता है
कुछ समझता हूं
कुछ समझाता हूं
चल आज लोग ड्राइव पे चलते है
रिश्वत दे मोहब्बत की मानता हूं
उसे जोर से अपने गले लगाता हूं

देव

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