नहीं चाहते हो, माना, पर मोहब्बत कर लो,सर्द मौसम है, चलो इश्क़ कर लो, कर रही होगी, इंतेज़ार वो भी,जरा निकलो, उससे मिल लो, मौसम, तू ही नहीं, बेईमान हुआ,खुदा ने भी है, तुम्हे एक मौका दिया कुछ तो लुत्फ, उठा लो,वक़्त साथ में थोड़ा बिता लो,शाम रंगीन है, थोड़ा मस्ता लो,अकेले वो भी है, … Continue reading पर मोहब्बत कर लो,
Month: January 2020
ये सर्द मौसम, और ये तन्हाई
ये सर्द मौसम, और ये तन्हाई,कॉफी का मग, और तेरी रुसवाई, काश! तू साथ होता, मेरे पास होता,तेरे कंधे पर, रख सिर, मुझे सुकून होता, कैसे कहूं, किसको कहूं, बाते दिल की,कौन बताएगा मुझे, अब गलती मेरी, किस्से करू झगड़ा, बे परवाहकौन मनाएगा मुझे, बोल कर सॉरी, अब तो मौसम भी, बेगाने से लगते है,औरों … Continue reading ये सर्द मौसम, और ये तन्हाई
हंस लो, थोड़ा और हंस लो
हंस लो, थोड़ा और हंस लो,चलो, कुछ तो मैं तुम्हारे काम आया,चंद पंक्तियों से ही सही,उदास चेहरों पर, एक नूर लाया, पड़ने वाले, माना कम है,और समझने वाले, सच में बहुत कम,काफी है, हां काफी है मेरे लिए,गर कोई एक वाह कह जाए, देव
इश्क़ करना, तेरे अफसाने से
आज फिर, तुझे उसकी याद आ गईबातो बातो में,तेरी आंखो में, नमी छा गई, जैसे, अब भी, तू याद उस करती है,तेरी सांसे, अब भी, उसके लिए चलती है, आज भी, तू उसके दामन में है बैठी,इंतेज़ार, शाम को, दरवाजे पर है करती, नहीं दूर कही, जैसे वो गया है तुझसे,यही कही, बसा है, दामन … Continue reading इश्क़ करना, तेरे अफसाने से
खुदा खुद तेरी इबादत है करता
खुदा खुद तेरी इबादत है करता,और तू खुदा के, तसव्वुर में हैं बैठी, तेरी इसी अदा पर तो कायल है सबजाने कब से, अनजान हूं तुझसे चंद लम्हे, दामन में गुजारे, है नाकाफी,कुछ और वक़्त, खुदा ने दिया होता, तस्वीर ही सही, कुछ तो है, पास मेरे,जब तू नहीं होती, दीदार तेरा होता है तन्हा, … Continue reading खुदा खुद तेरी इबादत है करता
तेरे दीदार से, पागल, जमाना हो गया
ये अदा, और ये खामोशी,तेरे चेहरे की ये हंसी, देखा तुझको,जो पहली बार,चंद पल ही सही,ये सांसे रुक सी गई, धड़कन कुछ बड़ी,कुछ देर थी थमी,तेरे चेहरे पर नज़रे,बड़ी देर तक, रही टिकी, नींद और चैन ,सब यू ही उड़ गया,तेरे दीदार से, पागल,जमाना हो गया।। देव
तेरा ये मस्ताना पन
फ़िक्र ना ज़माने की,ना खोने का गम,बस, इक मुस्कुराहट तेरी,तेरा ये मस्ताना पन, खुदा का तुझको बनाना,मिलाना मुझसे कुछ पल,चड़ा है मुझ पर,तेरी मोहब्बत का रंग।। देव
क्यूं, इश्क़ से इतना डरता है
कल एक दोस्त ने पूछा,यार देव, तू दिखता कुछ और है,जीता कुछ और,कहने में तो प्रैक्टिकल बनता है,पर तुझमें इमोशंस की भरमार है,क्यूं ये दोगली जिंदगी जीता है,क्यूं, इश्क़ से इतना डरता है। जवाब मेरा कुछ यूं था,यार, खुदा ने मुझे कुछ अजीब बनाया है,हर किसी से मोहब्बत करना सिखाया है,नफरत क्या होती है, मैं … Continue reading क्यूं, इश्क़ से इतना डरता है
अवेलेबल मान लेते है
मेरी कविताओं कोमेरे स्टेटस से कनेक्ट कर जाते है,कभी कमिटेड तो कभीअवेलेबल मान लेते है, क्या कहूं, कब तक कहूं,मैं तो बस, जो महसूस करता हूं,वही लिखता हूं,अक्सर दूसरी की फीलिंग्सका इजहार करता हूं,और लोग उसे मेरीकहानी मान लेते है,कभी कमिटेड तो कभीअवेलेबल मान लेते है, बता रहा हूं, जिस दिनखुद की कहानी लिखूंगा,कुछ अलग … Continue reading अवेलेबल मान लेते है
हां, मुझे मोहब्बत है, मगर खुद से
वो समझते है, मुझे मोहब्बत है,हां, मुझे मोहब्बत है, मगर खुद से,खुद ही खुद को प्यार करता हूं,नहीं में किसी का इंतजार करता हूं,जब मैं होता है, जीता हूं,हां, अक्सर मैं भी पीता हूं, और जब यार है, साथतो क्या गम,मेरी जिंदगी में नहीं खुशियां,आैरो से कम,ना बंदिशे, ना बेड़ियांहै जमाने की,फितूर मेरा है, और … Continue reading हां, मुझे मोहब्बत है, मगर खुद से
बेफिकर हूं मैं, तू बिंदास है
बेफिकर हूं मैं, तू बिंदास है,हर घड़ी, तू मेरे, आसपास है,तू हसीं, तू खुशी, तू मेरी जान हैतुझसे मिल के लगा, क्यूं मुझमें जान है, मेरी शामें, गुजरती, नहीं तेरे बिन,सोचता हूं मैं रहता, हर पल हूं तुझे,तू है धड़कन मेरी, तू मेरा प्यार है,तेरे बिन अब मेरा, जीना दुश्वार है, तू हसीं, तू खुशी, … Continue reading बेफिकर हूं मैं, तू बिंदास है
सर्दी को भगा दे, दो पेग लगा ले,
सर्दी को भगा दे, दो पेग लगा ले, माना, चाय से दिन शुरू किया है,पर ठंड में, चुस्की का कुछ और मजा है,महफिलें भी, कहा लगी है,बस, यारो से चैट चल रही है,थोड़ा मुस्कुरा ले,सर्दी को भगा दे, दो पेग लगा ले, माना, ऑफिस तो जाना है,पर बाहर, ठंड से सिकुड़ जाना है,मन मार के … Continue reading सर्दी को भगा दे, दो पेग लगा ले,
क्या होती मोहब्बत सबको
तेरा होना, मेरे आस पास, कुछ खास होता,तेरी बाहों में समा, कुछ सुस्ता सकता,तेरी गर्म हथेलियों को, गालों पर, महसूस करता,बिनरुके, हर घड़ी, तुझसे मैं प्यार करता,बैठा तुझे मेरे सामने, बना आइना अपना,रात दिन बस, तुझे तकता, तेरे सामने होता,तुझे समा बाहों में, बंद कर आंखे अपनी,तेरी हर सांस की आवाज में, खोया होता, लोग … Continue reading क्या होती मोहब्बत सबको
मुझे भी इश्क़ है उनसे, बयां नहीं करता हूं।
कुछ तो है, वो यूं ही नहीं, चुप है,उनकी खामोशी भी, उनके इरादों बयां करती है,मोहब्बत उन्हें भी है, उनके चेहरे से,ये बात पता चलती है, कभी चुप रहना, कभी बेतरतीब बोलना,कभी मुस्कुरा कर, बस एकटक देखना, मेरे आने से, उनकी नज़रों का यूं झुक जाना,धीमी आवाज में, कैसे हो, पूछा जाना, देखता हूं, मैं … Continue reading मुझे भी इश्क़ है उनसे, बयां नहीं करता हूं।
सनम उसका कोई और ही है
इंतेज़ार, तो बहुत हमे भी है,वो आए, कह दे, सनम हमको,उनको चाहते है, तहे दिल से,वो मग्शूल, कहीं और ही है, लेकर, हाथो में, बैठे है दिल अपना,निकम्मा, नज़रे, इस तरफ फेरता ही नहीं, यूं तो करीब, इस कदर है मेरे,कि छूं लू, हाथ बड़ा के उसे,यार कहता है हमे, औरसनम उसका कोई और ही … Continue reading सनम उसका कोई और ही है
महफ़िल सजी है लोग भी है यहां
महफ़िल , सजी है, लोग भी है यहां,कुछ है यहां, कुछ तन्हा, शाम थी हसीं, और रात है जवां,इश्क़ फैला है, हर तरफ यहां, कुछ गानों का दौर, कुछ चुटकुलेठहाको के बीच, होते आंखो से, मशवरे, बेहिसाब हसीं, अनगिनत खुशियां,बांतो में छिपाते, अपने गम , अपनी कमियां महफ़िल सजी है लोग भी है यहां,कुछ है … Continue reading महफ़िल सजी है लोग भी है यहां
हां, करता हूं, मैं जीने की बात करता हूं…
एक यार ने पूछा आज,क्या तुम थकते नहीं हो,हर वक़्त, कुछ ना कुछ ,करते रहते हो,बस, लगे रहते हो, क्या कहूं, बात तो सही है,पर अपनों के लिए थकना कैसा,और खुद को खुशी जिसमें मिले,उस वक़्त के लिए, रुकना कैसा, वैसे ही, जिंदगी बहुत कम है,और मिले भी हमे, नहीं गम कम है,हर पल को … Continue reading हां, करता हूं, मैं जीने की बात करता हूं…
हसीं ठहाको की बौछार थी
वाह! क्या बात थी, हाथ में चाय थी,यारो से कुछ पल, मुलाक़ात थी, बातो की बौछार थी,रेडियो पर रफी की आवाज थी,गीता दत्त के गानों पर,निकली वो अहा थी, सर्द हवाओं में, चले रास्तों मेंमुंह से उड़ाते हुए भाप, धुएं सी,अलग अंदाज़, कुछ अलग चाल थी,और, मुमोस की शॉप पर,मिली लड़कियां बिंदास थी, बच्चो को … Continue reading हसीं ठहाको की बौछार थी
यार, चल आज तेरी कहानी कहता हूं
जितना जानता हूं, उतने में बयां करता हूं,यार, चल आज तेरी कहानी कहता हूं, मिला था बस कुछ पल को,तुझसे पिछली महफ़िल में,तेरे चेहरे से झलकती थी,खुशी, भरे गम में, बिंदास सा रहना, तेरी आदत है,जिंदगी जीना, तेरी फितरत है, मौत को दगा, दे तू आया था,खुदा से, मुलाक़ात हो, क्या बहाना था माना, उलझी … Continue reading यार, चल आज तेरी कहानी कहता हूं
तू खुश है तो, खुश हम रहेंगे
ना कर अफसोस, जीने पर अपने,तेरे नाम पर धड़कते है, अभी भी, दिल कितने, तेरा दीदार, बस चाहते है, इक बार करना,तेरी जिंदादिली सी, मुस्कुराहट से मिलना, यूं ही नहीं, लोग मिलते है तुझसे,दिल से मोहब्बत, सब करते है तुझसे, टूटे दिलो का, है तू सहारा,तेरी बातो में है, रस सबसे ज्यादा, ज्यादा नहीं, बस … Continue reading तू खुश है तो, खुश हम रहेंगे