देख कर, तस्वीर उसकी, फिर वो पल, याद आए,केशुओं के, बौछारों में, आज फिर से, हम नहाए। अक्स उनका, है समाया, नजरो में, जेहन में मेरे,मुस्कुराती, वो मिली फिर, राहें मोहब्बत, के दरमियान। उल्फत हुई, फिर से हमे, शुक्रिया हो शुक्रिया,दी है हमे, ये जिंदगी, तोहफा इश्क़ का दिया। देव
Month: July 2020
Random thoughts
[18/06, 10:38 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: मेरी नज़्में पढ़े, गर कोई,अक्स तेरा दिखेगा,तुझसे जुदा हुआ तो,ना लब्ज़ एक बचेगा।। देव[19/06, 3:14 am] Lavya Airtel New: जो चल रहे है,मेरे जनाजे में आगे आगे,जरा गौर से देख लो,मेरा कत्ल करने वाले भी,शायद यही है।। देव[19/06, 4:58 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: वक़्त होकर भी, कितना कम हो गया है,लब्ज़ … Continue reading Random thoughts
हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता
जेहन में, लिखा, नाम तेरा, मिटाया नहीं जाता।हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता। तू दूर है जितनी भी मगर, पास, बहुत है,दिल में है मेरे, बसर तेरा, बताया नहीं जाता। हर वक़्त, गुजारता है, मेरा, केशुओ में तेरे,अब दिन है, या रात है, जताया, नहीं जाता। मंदिर कभी, मस्जिद कभी, हर चौखट को … Continue reading हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता
इश्क़ सुकून है,
इश्क़ सुकून है,इश्क़ इबादत है,इश्क़ खुदा की दी,अनमोल इनायत है। इश्क़ बंदिगी है,इश्क़ शराफत है,इश्क़ अल्लाह,इश्क़ ईश्वर का नाम है।। जो इश्क़ नहीं,नहीं मेरा नाम है,मेरा इश्क़ मुझसे बेहतर है,इश्क़ पर सब कुर्बान है।। देव
प्यार में हिसाब करने लगा है
जिसे देखो, इम्तेहा ले रहा है,अपनी तराजू पर, तोल रहा है,पैबंद लगी चादर, ओढ़े बैठा है,मखमल में कमियां ढूंढ रहा है। मुसाफिर है सब, यहां मिले है,कुछ पल को, सफ़र में, कर ले,सफ़र ले हमसफ़र, तू क्यूं,तन्हा सफर कर रहा है। इश्क़ में खुदा है, इक बार,दिल, लगा कर तो देख, मिलेंगी,खुशियां बेहिसाब, तू क्यूं,प्यार … Continue reading प्यार में हिसाब करने लगा है
A short story by Dev
क्रमशः यही कोई पिछले 25 दिनों से वह अपनी किताब लिखने में व्यस्त थी। इन 25 दिनों में उसने कई उतार-चढ़ाव अपनी किताब में लिखे थे। कहानी को कई मोड़ों से मोड़कर यहा तक लेकर आई थी। बड़ी प्यारी सी कहानी लिख रही थी वह, दो दिलो की दास्तान, जो जिंदगी के सफ़र में काफी … Continue reading A short story by Dev
लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक
लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक,रातों में तन्हा, रहोगे तुम कब तक,नहीं जिंदगी, गुजरनी है ऐसे,बहाने बनाते, रहोगे यूं कब तक। तुम है नहीं तन्हा, हम भी यहां है,मोहब्बत की ये इक, अजीब दास्तां है,उमर है गुजरी, फिर भी जवां है,बतादो ये चालीस नहीं, साल बीसवा है। खबर है क्या उनको, क्या हमने किया है,ग़ज़लों में … Continue reading लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक
अम्माA short story by Dev
अम्माA short story by Dev अम्मा काफी बूढ़ी हो चली थी। उसके चेहरे पर झुर्रियों की कतारें लगी हुई थी। यूं तो उसकी उम्र 65 साल थी मगर झुर्रियों ने उसके चेहरे पर कुछ ज्यादा ही उम्र लिख डाली थी । काफी सालों से अपने उस छोटे से मकान में अकेली रहती थी। हां अकेली … Continue reading अम्माA short story by Dev
हिन्द ही हिन्द है चमका, जग में है अब
देश वही है, बस सोच बदल गई अबदेश भक्ति जताने की, रीत नई अब, राम की मर्यादा निभा चुके काफी है हम,कृष्ण का दर्शन समझ, चले है हम अब। अन्याय के आगे झुकते नहीं है हम अब,कर सकते एक और, महाभारत हम अब, अर्जुन, अग्नि, तेज से सजी है सेना अबकदम नहीं अब पीछे, करेंगे … Continue reading हिन्द ही हिन्द है चमका, जग में है अब
मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी
अश्क तेरे बहने से पहले,आंखे मेरी भर आएंगी,तेरा चेहरा मुस्कुराता रहे,मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी। बेवजह क्यूं तुम शरमाते हो,यूं दिल में, उतर जाएगी,तेरा चेहरा मुस्कुराता रहे,मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी। हाथ अपना, ना बढ़ाना जरा,थाम लूंगा तो, उम्र गुज़र जाएगी,तेरा चेहरा मुस्कुराता रहे,मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी। शौक मोहब्बत का, लगा है मुझको,इश्क़ बेपनाह, तू पाएगी,तेरा चेहरा … Continue reading मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी
प्यार बांटता चला।
ना मायूस, ना बैचैन, ना निराश हूं,जीता हूं जिंदगी अपनी,बंदा मैं बिंदास हूं, इश्क़ खुद से भी है, और खुदा से भी,प्यार मिलता रहा और मैं,प्यार बांटता चला।। देव😉 2 जुलाई 2020
मैं जरा उड़ना चाहता हूं।।
परिंदा बन, दूर तक जाना चाहता हूं,मैं जरा उड़ना चाहता हूं। कब तक रहूंगा, बंदिशों में जमाने की,कैद हो घर की, चारदीवारी में,दूर, बहुत दूर, तक जाना चाहता हूं,मैं जरा उड़ना चाहता हूं। फिक्र सारी जला, बेपरवाही की आग में,ख्वाबों जो सजाए है अपने वास्ते,उन ख्वाबों को जीना चाहता हूं,मैं जरा उड़ना चाहता हूं। परिंदा … Continue reading मैं जरा उड़ना चाहता हूं।।
A very very happy, doctors day
To beautiful and handsome doctors…. If needed life line,You brings life in that line,Some times with your loving words,Some times with just a glass of wine, People say, an apple in a day,Keeps the doctor away,So i dont eat apple as,You are the people,I wanna meet everyday,How can i be away, We have lots of … Continue reading A very very happy, doctors day
कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।
टूटे हुए दिल को, सीने की कवायद कर रहे है,कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है। कांच के टुकड़ों को जुड़ते, क्या देखा है कभी,टूटे ख्वाबों को मेरे, जोड़ने का जतन कर रहे है।कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है। चोट दिल पर है लगी, मरहम लगाते है बदन पर,कर बातें पुरानी, जख्मों … Continue reading कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।
दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।
ये मेरा पागलपन है,या तेरी मोहब्बत का असर,तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।। जख्म खाए है इश्क़ में मैंने,फिर भी तुझपर यकीं करता हूं,रूबरू तुझसे मुलाक़ात नहीं,तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।। अक्स मेरा हो , तू नजर आती है,घड़ी भर ना, तू दूर जाती है,तुझसे बेपनाह … Continue reading दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।
मगर तुम साथ होती,तो कुछ और बात होती
सफ़र तो यू भी, कट जाएगा,तुम्हारी यादों के सहारे,मगर तुम साथ होती,तो कुछ और बात होती। महफ़िल थी, मगर तनहाई भी थी,लोग थे बहुत, कोई हमसफ़र ना था,अब मैं हूं और तेरी यांदे है,मगर तुम साथ होती,तो कुछ और बात होती। वक़्त भी है अब, और मौसम भी,शराब है और जाम भी,पी रहा हूं, नाम … Continue reading मगर तुम साथ होती,तो कुछ और बात होती
मुझे कुछ हो गया था
खुली जुल्फों को लहराते हुए,झुकी पलको को उठा, हौले से,तुमने जब देखा मुझे, मुस्कुरा कर,सब कुछ तब ही बदल गया था,मुझे कुछ हो गया था। दबा कर ख्वाहिशों को, बैठा था कबसे,जमाने में खोया था, लेकिनना थी मोहब्बत खुद से,मिलकर तुझसे, कुछ पल,मैं खुद से मिल गया था,मुझे कुछ हो गया था। कभी तलाश थी … Continue reading मुझे कुछ हो गया था
ख्वाब
ख्वाब,काश! ख्वाब,बस ख्वाब ही जिंदगी होते,हम हर पल, तेरे करीब होते,तेरे पहलू में रख सिर अपना,ख्वाबों में फिर खो रहे होते। ख्वाबों में सही, हकीकत होतीतेरे चेहरे पर, मुस्कुराहट होतीबंद दरवाजे, गमों को होते,खुशियां तेरे आंगन में, खेलती होती। ख्वाब तेरे, मेरी तमन्ना होते,तेरे क़दमों में, जहां सारे होते,खुदा ख्वाहिश कभी को पूछता,तेरे ख्वाबों, की … Continue reading ख्वाब
कुछ अनसुलझे से किस्से
कुछ अनसुलझे से किस्से,कुछ अनकही बाते,कुछ अनजान रिश्ते,बचे है तेरे मेरे बीच, थोड़ा वक़्त निकाल लो,जरा पास बैठो तो कभी,माना, हो दूर बहुत,थोड़ी बातें तो कर लो कभी, कभी याद भी कर लिया करो,कभी, कुछ और भी पूछा करो,अच्छा हूं, तो सब जानते हो,क्या सोच रहे हो, पूछ लिया करो, अभी है वक़्त, थाम लो,फिर … Continue reading कुछ अनसुलझे से किस्से
ये आबरू है मेरी, कब तुम्हे नीलाम हुई
जरा सा बात हुई, आंखे चार हुई,जरा सा मुस्कुराने में, मोहब्बत बदनाम हुई। हाल ही तो पूछा था, यू ही दो पल कोजरा सा छू क्या लिया, नींद उनकी बर्बाद हुई। इंसा मैं भी हूं, थोड़ा जीना देदो मुझे,मेरी बिंदासी पर, क्यूं सवालों की बौछार हुई। बेसबर वो है, और कहते है बे अदब मुझे,ये … Continue reading ये आबरू है मेरी, कब तुम्हे नीलाम हुई