तेरे साथ कुछ पल में, बरसो जी लेता हूं,

तेरे साथ कुछ पल में,
बरसो जी लेता हूं,
तेरी याद में, अक्सर,
दो जाम पी लेता हूं।

कौन कहता है नशा,
शराब की तासीर है,
फिर क्यूं, तेरी नज़रों को,
देख, नशा होता है।।

तेरी याद में….

मेरी रूह, तेरी रूह को,
जानती है कुछ यू कि,
तू ना मिले, तेरी यादों में,
वक़्त गुजार लेता हूं।।

तेरी याद में….

लोग तो यूं ही, बनाते है,
बाते, तेरी और मेरी,
उन्हें क्या पता, इश्क़ में,
क्या मजा होता है।

तेरी याद में….

यूं ही तेरी बेफिक्री पर,
फिदा नहीं हूं मै,
मोहब्बत है तुझसे, तो
खौफ कहा रहता है।।

तेरी याद में….

तू चाहती है मुझे,
पता है मुझको, तेरी नीयत का,
बयां करदे इक बार,
क्यूं तू बेकार ही, यूं तड़पती है।।

तेरी याद में….

माना, है मेरा अशिआना
झोपड़, तेरे महल के सामने,
रंक कब बन जाए राजा,
यकीं, खुदा पर क्यूं ना करती है।

तेरी याद में….

फिर से बोलता हूं, हां,
मोहब्बत है तुझसे, बता,
ये बात बोलने से,
क्युं, इतना तू डरती है।

तेरी याद में….

देव

11 August 2020

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