तुम जो हो, वही तो मुझे भाते हो!

तुम जो हो, वही तो मुझे भाते हो,
यूं ही नहीं, तुम मुझे लुभाते हो।

बातें तुम्हारी, ताउम्र सुन मैं सकती हूँ
पल जो दूर रहूं, याद तुम्हे करती हूंँ।

तस्वीर तुम्हारी, क्या मैं रखूं पास मेरे,
चेहरा तेरा, पलको में बसा रखती हूँ।

लोग भी कहने लगे, क्या हो गया है मुझको,
आजकल कुछ ज्यादा, पलके मैं झपकती हूँ।

लगता है, दोस्ती से कुछ ज्यादा सा अब,
या तुमसे इश्क़, अब मैं करती हूँ।।

देव

11/11/2020, 9:17 am

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