थोड़ा सा ही सही, मेरा ख्याल रखना।

सांझ को सुबह, सुबह को सांझ समझना,
जो तुम्हे दे खुशी, वही काम करना।

मुस्कान, जो चेहरे पर रहती है तुम्हारे,
ताउम्र, पल भर को,ना जुदा करना।

मेरे ख्वाब, तो उड़ गए थे भाप बनकर,
ख्वाबों को अपने, बिंदास पूरा करना।

कहने को तो माँ हूँ तुम्हारी मगर,
अब दोस्त बन, थाम हाथ, जरा संग चलना।

अब, तुम बड़ी हो गई हो, मुझसे भी ज्यादा,
बस, थोड़ा सा ही सही, मेरा ख्याल रखना।

देव

12/11/2020, 4:54 pm

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