मासूम सी, वो आकर, मुझे यूं बोली,काश! इन चांद सितारों की से आगे,कुछ होता, प्यारा सा जहां,ना पदाई होती, ना होमवर्क,बस, होता barbie का घर,मैं और बस मेरे सपने,मेरे दोस्त, सब अपने,आप भी होते, मगर बस आप,ना होती स्कूल, ना होता काम,मासूम सी, वो आकर, मुझे यूं बोली,काश! इन चांद सितारों की से आगे,कुछ होता, … Continue reading मासूम
Author: Dev
Random thoughts
[06/07, 7:57 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: अक्स पाकर तेरा, आइना भी गुज़र गया,ना गुरूर रहा उसमे, चकनाचूर हो गया।। देव[06/07, 7:57 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: कर्ज कुछ मुस्कुराहट का ऐसा चढ़ा,हाल ए दिल भी बयां, हंस कर किया।। देव[06/07, 8:03 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: तुम महफ़िल में अकेला, ढूंढ़ती रह गई,मैं तन्हा दिल गिनते गिनते थक गया।। देव[06/07, … Continue reading Random thoughts
तुम हो तो है, जिंदगी
कभी बेपरवाह सी थी,मगर बेकार सी थी,शामों में महफ़िल थी,रूह तन्हा थी,रात गुलज़ार थी,ख्वाब नदारद से थे,लबों पर हंसी थी,दिल में खुशी ना थी,रास्ते खुशगुवानर थे,मंजिल का पता ना था, अब बस तुम हो, तुम हो तो है, जिंदगी।। देव
ना छोड़ यू ही दामन उनका
कुछ तो सपने, तेरे भी है,ना छोड़ यू ही दामन उनका,मिल जाएंगे, काफी,इश्क़ करने वाले,मगर, ना करना, समझौता,खुशी से अपनी। दौड़ लगी है, हर तरफ,बनाने को तुझे अपना,कुछ बस यू ही चाहते है,कुछ का है सपना। तेरे सपने को जो, समझे अपना,तू थामना दामन उसका,जिसे माने तू अपना। देव
इश्तहार बना डाला।
जरा अलग क्या, बना दिया खुदा ने,इंसा ने मुझे, इश्तहार बना डाला।मेरे यौवन में, अपनी ख्वाहिशों का,बाज़ार लगा डाला, यू तो, बैठाया है,मुझे मंदिर के मंडप में, और कोठों में,दीवानगी का, दरबार लगा डाला। देव
तू मेरी हमसफ़र
सुबह तुझसे शुरू, ख्वाब में तेरा बसर,सोचता कुछ भी हूं, आती है तू नजर,कुछ पल जो किया, तुझ संग वो सफ़र,बन गई ना जाने कब, तू मेरी हमसफ़र।। देव
इंतेज़ार है कबसे
कब तलक, यूं ही, बैठी रहेगी चुप सी,कब तलक, ख्यालों में, रहेगी गुम सी,कब तलक, दिल को, थामे रहेगी,कब तलक, मोहब्बत से, रखेगी दूरी। कोई तो है, जो तकता है तुझे,हद से ज्यादा, वो चाहता है तुझे,इश्क़ में तेरे, जो खोया है कबसे,इक नज़र देख ले, इंतेज़ार है कबसे।। देव
हां, उसे प्यार था
सुरूर ए इश्क़, उसको था जब चढ़ा,महफ़िल में भी लगती थी, वो तन्हा, तन्हाइयों में, मुस्कुराती रहती थी,अक्सर, खुद से ही बातें, करती थी, थोड़ी बेसब्री, थोड़ा सुकून भी था,इश्क़ का थोड़ा, उसे जुनून भी था, ना थी नफ़रत, ना जलन ही थी,बस मोहब्बत, जेहन में फैली थी, नज़रों में उसके, प्यार का खुमार था,चेहरे … Continue reading हां, उसे प्यार था
सावन
वो वक़्त कुछ और था,हर किसी पर एक सुरूर था,ना जाने, कहा सब खो गया,सावन, कब जेठ हो गया। कहा झूले है पेड़ों पर,कहा घुंघरुओं की आवाजे,कहा गोरियो का ठहठहाना,कहां छोरो को, छेड़जाना। कहां गुम है, मेंहदी के हाथ,वक़्त कहा है, थामे जो हाथ,कहां गई, वो चांदनी रात,बैठे थे हम, झुलो में साथ। कहां है … Continue reading सावन
कान्हा
गगरी भर यमुना से,जब मैं चलूं,तेरी मुरलिया की,धुन से मिलूं। मैं बावरी हो, पनघट,पर नृत्य करू,कान्हा, मैं तेरी,बावरी हूं। बातें करे जग सारा,हुआ क्या तुझे राधा,क्यूं खोई खोई सी, लागे तू,मन में क्या है, बोल जरा। मन कहां अब मेरा है,कान्हा का ही, बसेरा है,श्याम की दीवानी हूं,बांसुरी धुन पर, नाचूं हूं। सांवरा सलोना सा,रूप … Continue reading कान्हा
मैं कितना बदल गया
मैं कितना बदल गया,मैं फिर से मैं बन गया, कभी किस्से अभी अफसानों, में बसर था,हर सफर में नया हमसफ़र था,हर तारीख, नई क़लम से, लिखी जाती थी,हर मास, तारीख नई आती थी,अब सब रुक सा गया,मैं कितना बदल गया।। ख्वाबों की लंबी, फेरहिस्त थी कभी,मंजिलों की लंबी कतारें थी कभी,सोचों का दरिया, बहा करता … Continue reading मैं कितना बदल गया
यार
कुछ पल जिंदगी के,इनके संग बिताए है,यही कमाए, यही बचाए है,कुछ दोस्त बनाए है।। कभी रूठो को मनाना,कभी रूठ कर, मन जाना,हसने भी यही आए है,जब टेसुएं बहाए है। कभी दूर जाना,कभी लौट कर फिर आना,पास नहीं तो क्या,दिल में तो बसाए है। कुछ पल जिंदगी के,इनके संग बिताए है,यही कमाए, यही बचाए है,कुछ दोस्त … Continue reading यार
ख्यालात
बेतरतीब से बालो को बनाती वो जा रही थी,जो सुलझे थे, उन्हें भी फिर उलझा रही थी। जाने किन खयालातों में, खुद से बतिया रही थी,जो गुज़र सा गया था, उसी की याद आ रही थी। सोचा, भाग कर रोक लू उसे, कह दे हाल ए दिल,अपने ही चक्रव्यूह में, फसें वो जा रही थी। … Continue reading ख्यालात
तोहफा इश्क़ का दिया
देख कर, तस्वीर उसकी, फिर वो पल, याद आए,केशुओं के, बौछारों में, आज फिर से, हम नहाए। अक्स उनका, है समाया, नजरो में, जेहन में मेरे,मुस्कुराती, वो मिली फिर, राहें मोहब्बत, के दरमियान। उल्फत हुई, फिर से हमे, शुक्रिया हो शुक्रिया,दी है हमे, ये जिंदगी, तोहफा इश्क़ का दिया। देव
Random thoughts
[18/06, 10:38 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: मेरी नज़्में पढ़े, गर कोई,अक्स तेरा दिखेगा,तुझसे जुदा हुआ तो,ना लब्ज़ एक बचेगा।। देव[19/06, 3:14 am] Lavya Airtel New: जो चल रहे है,मेरे जनाजे में आगे आगे,जरा गौर से देख लो,मेरा कत्ल करने वाले भी,शायद यही है।। देव[19/06, 4:58 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: वक़्त होकर भी, कितना कम हो गया है,लब्ज़ … Continue reading Random thoughts
हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता
जेहन में, लिखा, नाम तेरा, मिटाया नहीं जाता।हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता। तू दूर है जितनी भी मगर, पास, बहुत है,दिल में है मेरे, बसर तेरा, बताया नहीं जाता। हर वक़्त, गुजारता है, मेरा, केशुओ में तेरे,अब दिन है, या रात है, जताया, नहीं जाता। मंदिर कभी, मस्जिद कभी, हर चौखट को … Continue reading हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता
इश्क़ सुकून है,
इश्क़ सुकून है,इश्क़ इबादत है,इश्क़ खुदा की दी,अनमोल इनायत है। इश्क़ बंदिगी है,इश्क़ शराफत है,इश्क़ अल्लाह,इश्क़ ईश्वर का नाम है।। जो इश्क़ नहीं,नहीं मेरा नाम है,मेरा इश्क़ मुझसे बेहतर है,इश्क़ पर सब कुर्बान है।। देव
प्यार में हिसाब करने लगा है
जिसे देखो, इम्तेहा ले रहा है,अपनी तराजू पर, तोल रहा है,पैबंद लगी चादर, ओढ़े बैठा है,मखमल में कमियां ढूंढ रहा है। मुसाफिर है सब, यहां मिले है,कुछ पल को, सफ़र में, कर ले,सफ़र ले हमसफ़र, तू क्यूं,तन्हा सफर कर रहा है। इश्क़ में खुदा है, इक बार,दिल, लगा कर तो देख, मिलेंगी,खुशियां बेहिसाब, तू क्यूं,प्यार … Continue reading प्यार में हिसाब करने लगा है
A short story by Dev
क्रमशः यही कोई पिछले 25 दिनों से वह अपनी किताब लिखने में व्यस्त थी। इन 25 दिनों में उसने कई उतार-चढ़ाव अपनी किताब में लिखे थे। कहानी को कई मोड़ों से मोड़कर यहा तक लेकर आई थी। बड़ी प्यारी सी कहानी लिख रही थी वह, दो दिलो की दास्तान, जो जिंदगी के सफ़र में काफी … Continue reading A short story by Dev
लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक
लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक,रातों में तन्हा, रहोगे तुम कब तक,नहीं जिंदगी, गुजरनी है ऐसे,बहाने बनाते, रहोगे यूं कब तक। तुम है नहीं तन्हा, हम भी यहां है,मोहब्बत की ये इक, अजीब दास्तां है,उमर है गुजरी, फिर भी जवां है,बतादो ये चालीस नहीं, साल बीसवा है। खबर है क्या उनको, क्या हमने किया है,ग़ज़लों में … Continue reading लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक